प्रस्तावित वक्फ बिल पर कांग्रेसी विरोध मुस्लिम समाज को ‘गुमराह करने’ की कोशिश । Congress' opposition to the proposed Wakf Bill is an attempt to 'mislead' the Muslim community.

देहरादून 19 मार्च। भाजपा ने प्रस्तावित वक्फ बिल पर विपक्षी विरोध को मुस्लिम समाज को ‘गुमराह करने’ की कोशिश बताया है। राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष  महेंद्र भट्ट ने प्रश्न किया, जब वक्फ कानून निर्माण और उसमें पहले हुए संशोधन संविधान सम्मत हो सकते हैं तो वर्तमान संशोधन बिल कैसे असंवैधानिक हो सकता है?



उन्होंने सदन में इस मुद्दे पर रखी गई जेपीसी की रिपोर्ट को लेकर कहा, सभी जानते हैं कि इस संशोधन विधेयक के अस्तित्व में आने के बाद भी वक्फ संपत्तियों की ‘एक इंच’ जमीन नहीं जाने वाली है। लेकिन वावजूद इसके कांग्रेस समेत तमाम विपक्ष इस मुद्दे पर अफवाह और झूठ फैलाकर मुस्लिम समुदाय को गुमराह कर रहा है। उन्होंने वक्फ संशोधन अधिनियम को संविधान विरोधी बताने वाले आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, संविधान निर्माण के समय इस कानून को लेकर चर्चा की गई लेकिन संविधान निर्माताओं ने इसको सिरे से नकार दिया था। लेकिन वावजूद इसके 1954 में समाज को बांटने वाला वक्फ बोर्ड कानून पास किया गया। जिसके बाद 1955, 1995, 2013 में संविधान संशोधन कर उसे असीमित अधिकार दिया गया। उन्होंने निशाना साधा कि ये सभी कदम संविधान के अनुशार हैं तो अब जो वक्फ संशोधन विधेयक लाया गया है वह संविधान विरोधी कैसे हो सकता है। जेपीसी की बैठकों में विपक्ष से इन मुद्दों को लेकर सुझाव लिए गए और उन्हें रिपोर्ट की डिसेंट नोट में भी दर्ज किया गया है। लेकिन विपक्ष रिपोर्ट सार्वजनिक होने से पहले ही उसपर भ्रम फैलाया जा रहा है।  



उन्होंने विश्वास दिलाया कि वक्फ विधेयक लाने के पीछे सरकार की मंशा वक्फ संपत्तियों के सिलसिले में पेशेवर रूख अपनाना, अच्छा प्रबंधन और प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। सरकार सुनिश्चित करना चाहती है कि वक्फ बोर्ड की शक्तियों का उन भूमि पर अतिक्रमण करने के लिए दुरुपयोग नहीं किया जाए जो उसकी नहीं हैं। ऐसे में जिन संस्थानों के पास स्पष्ट स्वामित्व है, जो उपासना स्थल सालों से अस्तित्व में हैं, उनमें से एक को भी नए वक्फ कानून से डरने की जरूरत नहीं है।


उन्होंने तंज कसा कि जंतर मंतर पर बैठकर धमकी वाली बयानबाजी करने वाले सेक्यूलर नाम से वोट बैंक की राजनीति करते हैं। जो हमेशा भय फैलाने पर आधारित रही है और इस मर्तबा भी मुसलमानों को गुमराह करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन जनता अब उनके किसी झांसे ने नहीं आने वाली है और सरकार भी जनभावना के अनुरूप वक्फ संशोधन बिल सदन से अवश्य पास कराएगी।





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