सहकारिता के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के तहत महिला सशक्तिकरण अभियान के तहत महिला समूहों को मिल रहा है 5 लाख तक की ब्याज मुक्त राशि । जिला मुख्यालय में आयोजित एक दिवसीय"सहकारिता के माध्यम से महिलाओं का सशक्तिकरण" कार्यक्रम में महिलाओं से सहकारिता से जुड़कर सफल उद्यमी बनने का आह्वान। Empowering women through cooperatives

 वर्ष 2025 को अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है ,जिसके तहत फरवरी माह मे सहकारिता मंत्री  धनसिंह रावत द्वारा देहरादून में  राज्य में अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025  वार्षिक सहकारिता कैलेण्डर का विमोचन किया गया।



महिलाओं की अधिक से अधिक सहकारिता में सहभागिता के दृष्टिगत अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस 08 मार्च के परिपेक्ष में सहकारिता मंत्री  धनसिंह रावत की उपस्थित में 26 मार्च को प्रदेश स्तर पर सहकारिता के माध्यम से महिलाओं का सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन स्थान देहरादून में किया गया। निबन्धक , सहकारी समितियाँ उत्तराखण्ड, देहरादून के निर्देशानुसार जिला स्तर पर  28 मार्च को सभागार, विकास भवन, लदाड़ी में एक दिवसीय "Empowering women through cooperatives" "सहकारिता के माध्यम से महिलाओं का संशक्तिकरण" कार्यक्रम आयोजित किया गया।



कार्यक्रम में जिला सहायक निबन्धक  भरत सिंह रावत द्वारा सहकारिता विभाग की योजनाओं जैसे-दीन दयाल उपाध्याय कृषक कल्याण व्याज रहित ऋण योजना एवं मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना आदि पर विस्तृत जानकारी देकर महिलाओं को सहकारिता से जुडकर आजीविका बढ़ाने हेतु जानकारी दी गयी। उत्तरकाशी जिला सहकारी बैंक लि०, उत्तरकाशी के सचिव/ महाप्रबन्धक  मुकेश माहेश्वरी द्वारा अवगत कराया गया कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2025 को अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025  के रूप में मनाये जाने का निर्णय लिया गया है ।


जिसके तत्वाधान में आज जनपद उत्तरकाशी में विभिन्न शाखाओं द्वारा "Empowering women through cooperatives" "सहकारिता के माध्यम से महिलाओं का संशक्तिकरण" कार्यक्रम आयोजन किया जा रहा है। साथ ही महिलाओं से आहवान किया गया कि बैंक द्वारा जनपद में संचालित विभिन्न ऋण योजनाओं से जुड़कर महिला समूह के सदस्य ₹5,00,000.00 तक ब्याज रहित ऋण प्राप्त कर अपनी आजीविका में सुधार कर सकते है। उक्त कार्यक्रम में जनपद में सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभिन्न महिला समूह से जुडी हुई महिलाओं द्वारा प्रतिभाग किया गया, जिसमें राज राजेश्वरी महिला समूह के अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी द्वारा महिलाओं को सहकारिता विभाग एवं जिला सहकारी बैंक की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे- दीन दयाल उपाध्याय कृषक कल्याण ब्याज रहित ऋण योजना, मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना, आदि से जुडकर अपनी आर्थिक स्थिति में हुये बदलाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। विनायक महिला समूह के अध्यक्ष पुष्पा देवी द्वारा जिला सहकारी बैंक के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर व्यवसाय लगाकर समूह से जुड़ी हुई महिलाओं के आर्थिक जीवन में में हुये सकारात्मक बदलाव के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। जिला विकास प्रबन्धक, नाबार्ड जनपद उत्तरकाशी  गुरुविन्दर सिंह आहूजा द्वारा जनपद में नाबार्ड द्वारा कराये जा रहे विभिन्न योजनाओं जैसे-कृषक उत्पादक समूह, एम०एस०एम०ई०, पी०एम०एफ०एम०ई० आदि के बारे में जानकारी दी गयी। बैंक की उपमहाप्रबन्धक  नारायणी सिंह द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को अधिक से अधिक सहकारिता से जुड़ने का आहवान किया गया।


 पियूष आर्य, सहायक निदेशक डेयरी द्वारा डेयरी विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि महिलाएं डेयरी विभाग द्वारा एन०सी०डी०सी० के माध्यम से जिला सहकारी बैंक से जुड़कर 75 प्रतिशत अनुदान प्राप्त कर अपनी आजीविका बढ़ा सकती है।  दीपेश चौधरी, प्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र द्वारा महिलाओं को उद्योग विभाग के माध्यम से संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से जुडकर ब्यूटी पालर, कॉस्मैटिक शॉप आदि व्यवसाय शुरूकर अपनी आजीविका में सुधार लाने का आहवान किया गया।  रीता जोशी, मत्स्य निरीक्षक द्वारा मत्स्य विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी गयी।


इस अवसर पर अपर जिला सहकारी अधिकारी  वीरभान सिंह,  धर्मेन्द्र सिंह पडियार,  प्रदीप नौटियाल एवं जिला सहकारी बैंक के उपमहाप्रबन्धक  कृष्ण सिंह,  सुभाष शाह, सहकारिता विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों, जनपद में सहकारिता के क्षेत्र से जुडी हुई विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्यों तथा जनपद में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम का संचालन  ज्ञानेन्द्र सिंह परमार, अनुभाग अधिकारी बैंक मुख्यालय द्वारा किया गया।

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