गजेन्द्र सिंह चौहान पुरोला।
राजनीतिक सहमात के खेल में कौन सगा व कौन पराया ये जानना व समझना बड़ा मुश्किल है। अब बात पुरोला विधानसभा की करे तो विधायक को फर्श से शिखर तक पहुंचाने वाला रंवाई जन एकता मंच कही भी उनके साथ नजर नहीं आ रहा है। विगत तीन वर्षों में उनके चारों तरफ जो मलाईदार तबका पैदा हुआ उन्होंने एन वक्त पर कांग्रेस का दामन थाम लिया है।
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| फोटो; पुरोला विधानसभा के गांव शिकारु का एक दिल झकझोर करने वाला फोटो, सड़क न होने के अभाव में 5 किमी पैदल मरीज को पीठ पर अस्पताल ले जाते ग्रामीण |
सूत्र तो ये भी बताते है कि उक्त मलाईदार तबके ने विधायक के साथ बाकायदा बैठक कर बीजेपी का साथ न देने की बात कही है। सूत्रों ने ये भी बताया कि मलाईदार तबके ने 2027 के विधानसभा चुनावों में पुनः भाजपा का साथ देने का आश्वासन भी दिया है। अब सवाल ये है कि विगत तीन वर्षों में भाजपा ने मलाईदार तबका खड़ा किया है ओ येन चुनाव के वक्त कांग्रेस का साथ दे रहा है वो 2027 के चुनावों में पुनः भाजपा का साथ क्यों देगा।
उपरोक तथ्य यही है कि भाजपा के कांग्रेस मुक्त भारत अभियान के काट के लिए गुप्त रूप से एक कांग्रेस युक्त भाजपा अभियान परवान चढ़ा है, जिसकी भाजपा के नीति निर्धारकों को कानों कान खबर नहीं लगी है। उसका नतीजा है कि कांग्रेसियों ने विगत तीन वर्षों में भाजपा में रहकर आर्थिक संसाधनों पर कब्जाकर चुनाव में भाजपा को शिकस्त देने के लिए ठोस प्लानिंग की है।
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