पुरोला के रण में दो दिग्गजों की जंग में अमीचंद शाह कैसे बना रहे हैं जनता के दिलों में स्थान । पीएल हिमानी को चुनौती देने में अभीतक सभी दिग्गज क्यो नही हुये सफल । How Amichand Shah is making a place in the hearts of the people in the battle of two giants in the battle of Purola. Why have all the big names not been successful in challenging PL Himani yet?

  गजेन्द्र सिंह चौहान, पुरोला

 राजनीति के सहमात के खेल में पुरोला का अपना एक विशिष्ट स्थान है ।


हो भी क्यो नही ? देश की राजधानी दिल्ली के बाद  पुरोला ही एकमात्र ऐसा शहर है जहां हर राजनीतिक दल के समर्थक मौजूद हैं । यहां हर नुक्कड़ चौराहे पर राजनीतिक घटनाक्रम पर गर्मजोशी के साथ चर्चा- परिचर्चा होना आम हैं । यही नही चाहे अमेरिका का चुनाव हो या यूके का यहां राजनीतिक बहस आम है ।


आइये असल मुद्दे पर लौटकर बात कर लेते हैं दो धुर विरोधी राजनीतिक जो वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी को अपनी सेवाएं दे रहे हैं । पहले व्यक्ति हैं मालचंद जो पुरोला के दो बार के विधायक व मामूली अंतर से तीन चुनाव हार चुके हैं ।

दूसरी है व्यक्ति है पीएल हिमानी जो नगर पंचायत पुरोला के पूर्व व प्रथम अध्यक्ष रहे हैं । पीएल हिमानी दो बार पुरोला ब्लॉक के प्रमुख भी रह चुके हैं ।


दोनों के राजनीतिक सफर की हल्की सी चर्चा कर राजनीति के सहमात के खेल में दोनों एक दूसरे के कैसे धुरविरोधी बने , ये जानना भी अत्यंत जरूरी है ।

खैर उससे पहले हम बात कर लेते हैं एक तीसरे खिलाड़ी अमीचंद शाह की । अमीचंद शाह की धर्मपत्नी पूर्व में पुरोला के हुडोली वार्ड से जिला पंचायत सदस्य रही है । उससे पूर्व अमीचंद शाह बीडीसी में मेम्बर चुने गए थे व पूर्व विधायक राजेश जुवांठा के साथ गठजोड़ कर ज्येष्ठ प्रमुख का चुनाव लड़कर पीएल हिमानी को चुनौती दी । उस वक्त राजेश व अमीचंद पीएल हिमानी को चुनौती देने में विफल रहे व दोनों को बैलेट फाड़ने के कारण जेल भी जाना पड़ा । उसके बाद राजेश जुवांठा मालचंद को हराकर विधायक बन गए बावजूद उन्हें जेल जाना पड़ा । उसके बाद नगर पंचायत पुरोला के प्रथम चुनाव में अमीचंद ने भाजपा के टिकट पर पीएल हिमानी को एक बार फिर मालचंद के सहयोग से चुनौती दी पर वहां भी उन्हें नाकामयाबी मिली ।

खबर लिखे जाने तक उपरोक्त तीनो खिलाड़ी भाजपा के कर्मठ सदस्य हैं, ये तो वक्त ही बताएगा कि आगे तीनो भाजपा को मजबूत करते हैं या इनमेसे कोई भाजपा के खिलाफ होता है ।

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