फर्जी मतदान के दम पर नगर निकाय का चुनाव जीतने के मंसूबों पर सरकार ने फिरा पानी । पंचायतों व नगर पालिकाओं के चुनाव होंगे एक साथ । दो-दो मतदाता सूचियों में अब नही लिखा पाएंगे नाम । सरकार के ऐलान से कांग्रेसी खेमे में मायूसी । भाजपा के संभावित प्रत्याशियों में उत्साह । The government's plans to win the municipal elections on the basis of fake voting were thwarted. Elections for Panchayats and Municipalities will be held simultaneously. Now names will not be able to be written in two voter lists. Disappointment in the Congress camp due to the government's announcement. Enthusiasm among potential candidates of BJP.

 गजेन्द्र सिंह चौहान

बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने वन नेशन वन इलेक्शन बिल के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है । बिल के प्रावधानों के तहत पूरे भारत की लोकसभा व विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराये जाएंगे । बिल के प्रव्ध8के अनुसार लोकसभा व विधानसभा चुनाव के 100 दिन के भीतर स्थानीय निकायों पंचायतों व नगर निकायों के चुनावों को एक साथ कराया जाएगा ।


बिल के मुताबिक सभी निर्वाचनों के लिए एक ही मतदाता सूची तैयार की जाएगी । जिससे एक व्यक्ति एक ही स्थान पर मतदान कर सकेगा । अभी तक के प्रावधानों की खामियों का फायदा उठाकर कुछ राजनीतिक माफिया शहरी क्षेत्र के निर्वाचन में 50 प्रतिशत से अधिक फर्जी मतदाताओं का नाम लिखाकर चुनाव जीतते आये हैं । नए प्रावधानों के तहत अब पंचायतों व नगर निकाय के चुनाव एक साथ कराये जाएंगे , जिससे फर्जी मतदान के दम पर शहरी निकाय के चुनाव जीतने की मंसूबे रखने वालों की उम्मीदों पर पानी फिरना तय है । गौरतलब है कि विगत के नगर निकाय चुनावों में कुछ गांवों की 35 प्रतिशत तक कि आबादी को फर्जी तरीके से नगर निकाय चुनाव में नाम लिखवाया गया व बाद में इन्हीं फर्जी मतदाताओं ने ग्राम पंचायतों में भी मतदान किया । कांग्रेस पार्टी नये बिल के प्रावधानों से बौखलाहट में है व आनन फानन में बिल के विरोध में खड़ी हो गई है ।

हमेशा की तरह कांग्रेस पार्टी द्वारा हर सुधार के विरोध की परंपरा का पालन करते हुए इस बिल का विरोध किया गया है । वही भारतीय जनता पार्टी ने बिल का स्वागत किया है ।

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