आपदा मे भी कांग्रेस की यात्रा संवेदनहीन राजनीति की पराकाष्ठा । राजनैतिक दल होने के नाते कांग्रेस को भी आपदा से लड़ने में करना चाहिए रचनात्मक सहयोग । Congress's journey even in disaster is the height of insensitive politics. Being a political party, Congress should also provide constructive cooperation in fighting the disaster.



देहरादून 1 अगस्त। भाजपा ने आपदा संकट में भी जारी यात्रा को कांग्रेस की संवेदनहीनता राजनीति की पराकाष्ठा बताया है। 

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता पूर्व केबिनेट मंत्री ख़ज़ान दास ने कहा कि एक राजनैतिक दल होने के नाते उन्हें भी आपदा से लड़ने में रचनात्मक सहयोग करना चाहिए। कांग्रेस को सुविधावादी हिंदू कहते हुए कहा, जिनकी अनुकूल मौसम में भी श्री राम मंदिर दर्शन की हिम्मत नहीं हुई, वे विपरीत मौसम में श्री केदार धाम जाकर, अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए स्वांग रच रहे हैं । साथ ही माहरा के छालों पर सहानुभूति जताते हुए, कांग्रेस नेताओं से आपदा राहत में भी ऐसे कष्ट उठाने का आग्रह किया।  



 मीडिया के सवालों के जवाब में जारी अपने बयान में खजान दास  ने कहा, प्रदेश आज मानसूनी आपदा से जूझ रहा है, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शासन प्रशासन राहत बचाव कार्यों में जुटा हुआ है ।


पार्टी के कार्यकर्ता भी आपदा प्रबंधन टीम और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर प्रभावितों की मदद पहुंचाने की हर संभव कोशिश कर रहा है। लेकिन अफसोस मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस, संकट की इस घड़ी में यात्रा के नाम पर राजनैतिक प्रदर्शन कर रही हैं। बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस पार्टी का एक भी बड़ा नेता पीड़ितों की तकलीफ दूर करने के लिए उनके पास नहीं है और राजनैतिक लाभ के लिए केदारनाथ विधानसभा में जमघट लगाए हैं ।  


उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उनकी पार्टी के किसी भी नेता में थोड़ी भी संवेदनशीलता एवं गंभीरता होगी तो वह स्वयं को इस राजनैतिक पर्यटन से अलग कर लेगा। या फिर कांग्रेस पार्टी अपनी गलती स्वीकार करते हुए, जनहित में अपनी इस राजनैतिक यात्रा स्थगित कर दे। उन्होंने यात्रा से घबराने के दावों पर पलटवार किया कि कोई व्यक्ति, पार्टी या संस्था देश और सनातन के नाम पर भ्रम, अफवाह या षडयंत्र करने की कोशिश करेगा । उसका प्रतिकार एक सांस्कृतिक राष्ट्रवादी पार्टी होने के नाते भाजपा हमेशा करेगी, चाहे उनकी संख्या उंगली में गिने जाने वाली हो, कांग्रेसी यात्रा की तरह। 



उन्होंने सनातन के नाम राजनैतिक पर्यटन पर निकले और घर बैठे आपदा पर गाल बजाने वाले कांग्रेस नेताओं को राहत कार्यों के लिए जमीन पर उतरने का आग्रह किया । साथ ही माहरा के पैर में छालों को लेकर सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा, बेहतर होता कांग्रेस पार्टी अपने नेताओं का सदुपयोग आपदा राहत में करती।

      

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