पुरोला में सेवा भारती द्वारा संचालित बाल संस्कार केन्द्रो के माध्यम से विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों ने विद्यार्थियों को ऊनि कपड़े व ट्रैकसूट वितरित किये 

गजेन्द्र सिंह चौहान, पुरोला

सेवा भारती द्वारा संचालित बाल संस्कार केंद्रों के माध्यम से बाल्यवस्था में ही अपनी संस्कृति व संस्कारो से परिचित कराया जा रहा है । संस्कार केंद्रों में आ रहे विद्यार्थियों को आधुनिकता की चकाचौंध के बीच भारतीयता से जोड़ने का कार्य किया जा रहा हैं ।


नर सेवा नारायण सेवा के नारे को चरितार्थ  करते हुए सेवा भारती से जुड़े स्वयंसेवक अपनी कमाई का कुछ अंश इन संस्कार केंद्रों के माध्यम से जनसेवा में लगाते हैं । सेवा भारती द्वारा पुरोला जिला इकाई के अंतर्गत संचालित बाल संस्कार केंद्रों में संस्था से जुड़े स्वयंसेवको द्वारा सर्दियों के दृश्टिगत  विद्यार्थियों को गर्म कपड़े वितरित किये जा रहे हैं । इसी कड़ी में रविवार को रानी लक्ष्मीबाई बाल संस्कार केन्द्र घूण्डाडा व रघुनाथ बाल संस्कार केन्द्र मोल्टाडी में देहरादून की विभिन्न विश्वविद्यालयों के पोरोफेसरो ने गर्म वस्त्र वितरित किए ।


 इस अवसर पर सेवा भारती के जिलाध्यक्ष शांति प्रसाद सेमवाल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा मातृ वंदन व देशभक्ति गीतो की रंगारंग प्रस्तुतियां दी गई ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोफेसर बालचंद्र ने विद्यार्थियों को कहानी के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के जीवन चरित्र का प्रेरक प्रसंग सुनाया । कार्यक्रम की जानकारी देते हुए विभाग सह मंत्री आचार्य लोकेश बडोनी ने कहा कि संस्कारों के माध्यम से ही हम भारतीयता से परिचित होते हैं । उन्होंने कहा कि सेवा भारती संस्कार केंद्रों के माध्यम समाज के शोषित व वंचितों को स्वालम्बी बना रही है साथ ही सिलाई केंद्रों के माध्यम से


महिलाओं को शसक्त बनाया जा रहा है ।

इस अवसर पर सेवा भारती के विभाग संगठन मंत्री देवराज ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कार केन्द्रो में आ रहे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो इसके लिए उनको कहानियों के माध्यम से देशभक्ति का पाठ पढ़ाया जा रहा है ।

 इस अवसर पर पोरोफेसर कृष्णचन्द्र, प्रोफेसर हेमन्त, प्रोफेसर सचिन शर्मा, प्रोफेसर सौरव मित्तल,  जिला प्रचारक नवीन, जिला उपाध्यक्ष सेवा भारती जयवीर केंन्तुरा ,केन्द्र शिक्षिका ममिता, केन्द्र शिक्षिका राजेशी, केन्द्रो में अध्ययनरत विद्यार्थी व ग्रामीण उपस्थित रहे ।


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