मोरी तहसील के ग्राम बिंगसारी की बेटी मीना का वीरांगना सावित्री बाई फुले राष्ट्रीय फेलोशिप सम्मान-2023 हेतु चयन Selection of Meena, daughter of village Bingsari of Mori tehsil, for Veerangana Savitri Bai Phule National Fellowship Award-2023.

 भारतीय दलित साहित्य अकादमी नई दिल्ली द्वारा जनपद उत्तरकाशी के मोरी विकास खंड की कुमारी मीना पुत्री स्व0  रत्तन लाल को सामाजिक क्षेत्र में महिलाओं के लिये कार्य करने हेतु वीरांगना  सावित्री बाई फुले राष्ट्रीय फेलोशिप सम्मान-2023 हेतु चयनित किया गया है।  इनका  जन्म  10/05/1988 को ग्राम बिंगसारी विकास खंड मोरी जनपद उत्तरकाशी में हुआ है। इनकी  शैक्षिक योग्यता एमए बीएड व योगा  है।     


                                                                                                                                              *सामाजिक कार्य*

            महिलाओं में सजगता और जागरूकता लाना ही  प्रथम उद्देश्य है। महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय और अत्याचार के खिलाफ हमेशा उनके समर्थन में उनके साथ खड़ी  रहती हैं ।  महिलाओं को संविधान द्वारा प्रद्दत उनके अधिकारों के विषय में बताकर उन्हें जागरूक करना और पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं के साथ हो रहे लिंग-भेद और हर प्रकार के शोषण एवं अत्याचार का विरोध करना ।                                                     महिलाओं से चर्चा करके उन्हें कर्मकांडों और अंधविश्वासों से दूर करने का प्रयास कर उनमे वैज्ञानिक चेतना विकसित करना जीवन का प्रथम उद्देश्य है ।                                          समाज में महिलाओं के प्रति एक स्वस्थ्य दृष्टि कोण विकसित करने का प्रयास करना।समाज में हो रहे किसी भी प्रकार  के अन्याय के विरुद्ध लड़ना ।                                           अपने जिले में वंचित और शोषित वर्ग के साथ हो रहे अन्याय के खिलाप आवाज़ उठाना । और जागरूकता लाना ही  प्रथम उद्देश्य है। महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय और अत्याचार के खिलाफ हमेशा उनके समर्थन में उनके साथ खड़ी  रहती हैं ।  महिलाओं को संविधान द्वारा प्रद्दत उनके अधिकारों के विषय में बताकर उन्हें जागरूक करना और पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं के साथ हो रहे लिंग-भेद और हर प्रकार के शोषण एवं अत्याचार का विरोध करना ।                                                     महिलाओं से चर्चा करके उन्हें कर्मकांडों और अंधविश्वासों से दूर करने का प्रयास कर उनमे वैज्ञानिक चेतना विकसित करना जीवन का प्रथम उद्देश्य है ।                                          समाज में महिलाओं के प्रति एक स्वस्थ्य दृष्टि कोण विकसित करने का प्रयास करना।समाज में हो रहे किसी भी प्रकार  के अन्याय के विरुद्ध लड़ना ।                                           अपने जिले में वंचित और शोषित वर्ग के साथ हो रहे अन्याय के खिलाप आवाज़ उठाना ।


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