Surgical strike on corruption by KK couple under Purola Assembly. Recommendation of legal action and disciplinary action in progress against ranger in Gherbad scam.; पुरोला विधानसभा के अंतर्गत केके दंपति की भ्रष्टाचार पर सर्जिकल स्ट्राइक । घेरबाड घोटाले में ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, रेंजर सैलानी व अन्य के खिलाफ विधिक कार्यवाही की संस्तुति व अनुशासनिक कार्यवाही गतिमान ।

गजेन्द्र सिंह चौहान, पुरोला- उत्तरकाशी

 कहते हैं जब जुल्मों के सितम  हद से बढ़े तब फूल बने अंगारे । ऐसा ही कुछ पुरोला विधानसभा के अंतर्गत भ्रष्टाचार की सभी हदे पार हो गई अन्ततः  केके दंपति के रूप में दो ईमानदार अफसरों की तैनाती ने मानो पासा ही पलट दिया है । एक तरफ टोंस वन प्रभाग में कुंदन कुमार ने डिएफओ का चार्ज संभालते ही पिछले कार्यो की जांच सुरु करके हड़कंप मचा रखा है तो दूसरी तरफ गोविंद नेशनल पार्क व अपर यमुना वन प्रभाग में डॉ अभिलाषा सिंह की तैनाती ने मानो भ्रष्टाचार की जड़े हिलाकर रख दी है ।


दोनों पति पत्नी का खौफ ऐसा की आरा मशीनों का शोर  भी थम सा गया है । नए काम तो छोड़ो ठेकेदारों व अधिकारियों में कार्यवाही का डर भी सताने लग गया है ।

खैर गोविंद नेशनल पार्क की उपनिदेशक डॉ अभिलाषा सिंह ने कार्यालय आदेश जारी कर एक ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया है ।  कार्यलय आदेश निम्नवत है :-

वित्तीय वर्ष 2020-21 में कार्यालय उप निदेशक गोविंद नेशनल पार्क, पुरोला को वित्त नियंत्रक, वन विभाग, उत्तराखण्ड के पत्रांक निo 1577/3-5 दिनांक 23-02-2021 द्वारा मानव वन्यजीव संघर्ष रोकथाम योजना के अन्तर्गत सुपिन रेंज के मनोरा क०सं० 2 में जंगली जानवरों से खेती सुरक्षा हेतु घेरवाड निर्माण कार्य के लिए धनराशि रु० 9,98,000/- (नौ लाख अठानवे हजार मात्र) का आवंटन किया गया। उप निदेशक गोविन्द बन्जीव विहार एवं राष्ट्रीय पार्क, पुरोला द्वारा अपने पत्रांक 1282(3) / 3-2 दिनांक 06-03-2021 से उक्त के कम में निविदाएं आमंत्रित की गई। 


उक्त कार्य के क्रियान्वयन में हुई गड़बड़ी की जांच के सम्बन्ध में जिलाधिकारी, उत्तरकाशी को प्राप्त शिकायती पत्र की जांच उपरान्त जिलाधिकारी, उत्तरकाशी द्वारा प्रेषित जांच रिपोर्ट के अनुसार सुपिन रेंज के मनोरा क०सं० 2 में जंगली जानवरों से खेती सुरक्षा हेतु रबाड निर्माण कार्य में विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों तथा सम्बन्धित ठेकदार के द्वारा कार्य पूर्ण न करते हुए सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि की गई है तथा साथ ही ठेकेदार एवं दोषी अधिकारियों / कर्मचारियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की संस्तुति भी की गई है। उक्त जांच रिपोर्ट के कम में विभागीय अधिकारियों / कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही गतिमान है।




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