भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा उत्तराखंड की बेटी तुलसी आर्या को विरांगना सावित्री बाई फुले राष्ट्रीय फैलोशिप अवार्ड के चयन किया गया । तुलसी आर्य का अकादमी अवार्ड के लिए चयन होने पर इंजीनियर सीएल भारती सहित उत्तराखंड के बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई प्रेषित की है ।
इंजीनियर सीएल भारती ने उन्हें बधाई देते हुए उनके अबतक के कार्यो व जीवन चरित पर भी प्रकाश डाला ।
तुलसी आर्य निवासी हल्द्वानी नैनीताल उत्तराखण्ड , कार्यरत विभाग - महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास हल्द्वानी सिटी नैनीताल उत्तराखंड में सुपरवाईजर पद पर कार्यरत है
बचपन से ही स्कूल/कॉलेज की पढ़ायी के समय से ही 20 वर्ष की आयु से ही अपने छात्र साथियो के साथ मिलकर अंबेडकरवादी छात्र संगठन का गठन कर अपने समाज की बालिकाओं की शिक्षा हेतु प्रयास किया ,बाल विवाह रोकने हेतु समय समय पर सेमिनार किये जाते रहे वर्ष 1994-1995 में हल्द्वानी डिग्री कॉलेज में अंबेडकर वादी छात्र संगठन के बैनर तले अध्यक्ष का चुनाव लड़ा लेकिन जीत दर्ज नहीं कर पायी
वर्ष 1995 जून में 27 वर्ष में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाईजर पद पर आने के बाद भी विभाग में अनुसूचित जाति जनजाति ,पिछड़ा वर्ग के महिला बच्चो के सर्वांगीण विकास की दिशा में कार्य पूरी लगन निष्ठा से 28 वर्ष से लगातार विभाग के नियमानुसार किया जा रहा है , महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग उत्तराखण्ड में भी वर्ष 2004-2005 में महिला सुपरवाइज़रो को साथ लेकर अधिकारो की लड़ाई लड़ी जिसके लिए सुपरवाईजर association नाम से उत्तराखण्ड में संगठन बनाया gaya है
साथ ही sc/st फ़ेड्रेशन उत्तराखण्ड के द्वारा दी गई ज़िमेदारी को भी अपने विभागीय कार्यों के साथ निभाने का पूरा प्रयास करती रही है

0 टिप्पणियाँ