पुरोला में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने स्वामी दर्शन भारती का किया ढोल नगाड़ों से भव्य स्वागत । अष्टोत्तरशत भागवत कथा महायज्ञ में श्रद्धालुओं को संबोधित कर हिन्दू धर्म के प्रतीकों को अपनाने का किया आह्वान । ।

गजेन्द्र सिंह चौहान पुरोला/ उत्तरकाशी


रविवार को हिंदूवादी संगठनों ने स्वामी दर्शन भारती का पुरोला पहुंचने पर ढोल नगाड़ों व फूल मालाओं से भव्य स्वागत कर जय श्रीराम नारों से आसमान की गुंजयमान किया ।  तत्पश्चात नागराज मंदिर परिसर में चल रही अष्टोत्तरशत भागवत महापुराण यज्ञ में पहुंच उन्होंने व्यास पीठ व यज्ञ में उपस्थित रंवाई के प्रमुख देवताओं से आशिर्वाद लिया ।


   इससे पहले डामटा, नौगांव व हुडोली पहुंचने पर हिंदूवादी संगठनों ने उनका भव्य स्वागत किया ।

   उन्होंने अष्टोत्तरशत भागवत महापुराण कथा श्रृवण को आये समस्त धर्म परायण जनता जनार्दन को संबोधित कर सनातनी हिंदू धर्म संस्कृति रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।

     उन्होंने कहा कि पहाड़ों में फैल रहे लव जेहाद की घटनाएं आक्रांताओं का सुनियोजित षड्यंत्र है । उन्होंने कथा पुराण के विद्वानों पंडितों से प्रवचनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जुड़ने व धर्म से परिचित करवानें की अपील की।

    दर्शन लाल भारती एंव उनके साथ आये तमाम संतों का व्यास पीठ पर विराजमान क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यास शिव प्रसाद नौटियाल व कथा आयोजन समिति अध्यक्ष उपेंद्र असवाल आदि ने भव्य स्वागत किया।

    वही चतुर्थ दिवस कथा में व्यास पीठ पर विराजमान आचार्य शिव प्रसाद नोटियाल ने मांता पिता की सेवा को सबसे बडा पुण्य व पूजा बताते हुए वृद्धा आश्रमों को औलाद व समाज के माथे पर कंलक बताते हुए मांत-बाप की सेवा को सबसे बडा धर्म बताया। 

इस अवसर पर व्यापार मंडल अध्यक्ष बृजमोहन चौहान,राजेंद्र शर्मा, आचार्य लोकेश बडोनी मधुरजी, राज ऋषि यमुनापुत्र आचार्य सुरेश उनियाल, राजपाल पंवार,गंभीर चौहान, लोकेश उनियाल, ओपी नोडियाल आदि लोग मौजूद रहे ।

थे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ