चारधाम यात्रा ऑनलाइन पंजीकरण की अनिवार्य व्यवस्था खत्म नही हुई तो यमुनाघाटी के होटल व्यवसायी 22 अप्रैल को करेंगे तालाबंदी । आक्रोशित होटल स्वामियों ने बडकोट में जुलूस- प्रदर्शन कर किया पुतला दहन ।।

 गजेन्द्र सिंह चौहान

चारधामों में सीमित संख्या की बाध्यता और ऑनलाइन पंजीकरण समाप्त करने को लेकर होटल व्यवसायी लामवन्द हो रहे हैं ।  उत्तराखंड मूल के  स्थानीय लोगों के लिए भी पंजीकरण अनिवार्य करने से आमजन में भी सरकार के प्रति नाराजगी है । होटल व्यवसायियों ने सरकार से पंजीकरण की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग की है। 


पंजीकरण अनिवार्य किये जाने के विरोध में यमुनोत्री धाम के मुख्य पड़ाव बड़कोट में यमुनोत्री धाम से जुड़े सभी होटल स्वामियों, टैक्सी संघ, दुकानदार, घोड़े खच्चर मालिक ,  व्यापारिक प्रतिष्ठानो, व्यवसायियों व जनमानस ने पूरे बड़कोट में जुलूस प्रदर्शन कर फैसले के विरोध में सरकार का पुतला दहन कर नारेबाजी की ।


होटल व्यवसायी व सामाजिक कार्यकर्ता महाबीर पंवार ने कहा कि चारों धाम में श्रदालुओं को दर्शन की स्वतंत्रता होनी चाहिए और अधिक से अधिक धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि साल के कुछ ही महीनों में होने वाली चार धाम यात्रा से होटल व्यवसायियों व स्थानीय लोगों को विभिन्न प्रकार के रोजगार मिलते हैं । किंतु सरकार द्वारा यात्रियों की संख्या सीमित करने से सभी के रोजगार पर सरकार कुठाराघात कर रही है ।

 उन्होंने कहा कि सरकार ने इस फैसले को वापिस नही किया तो इसके खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा व 22 अप्रैल को सभी यमुनाघाटी के होटल स्वामी अपने अपने होटलों पर तालाबंदी करेंगे, जिसके लिए यात्रियों की असुविधा की समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।


प्रदर्शन करने वालो में यमुनाघाटी होटल एसोशिएशन अध्यक्ष  सोबन सिंह राणा, जयपाल सिंह रावत, अध्यक्ष टैक्सी संगठन नरेश रमोला, अध्यक्ष यमुनोत्री टैक्सी संघ अजय चौहान, राकेश रावत, सरत चौहान, अनिल चौहान, दीपिन राणा, जसपाल परमार, मनमोहन चौहान,राजेश उनियाल, अभिषेक उनियाल, रोबिन, पुरूषोतम, नरेश, भजन, प्रदीप डिमरी आदि सैकड़ों स्थानीय लोग शामिल रहे।


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