मोरी, सिंगतुर पट्टी में कल देर सायं हुई भारी ओलावृष्टि ने सेब बागवानों की कमर तोड़ कर रख दी है । ओलावृष्टि इतनी तीब्र थी कि बगीचो में लगी नेट को भी पार कर दिया ।
सेब बेल्ट नाम से मसहूर सिंगतुर पट्टी में हर वर्ष लगभग 4 लाख पेटी सेब पैदा होता है , इस वर्ष सेब की बम्फर फसल होने की उम्मीदों पर बार बार की ओलावृष्टि ने पानी फेर दिया है , कल रात हुई ओलावृष्टि से कूनारा, लूदाराला, पैंसर, पोखरी, सुंचाणगांव, हल्टवाणी, गैंच्चावाण गांव, गुराडी, धेवरा, पासा आदि गांवों में सायं सात बजे के करीब हुई भारी ओलावृष्टि से सेब की फसल तबाह हो गई है । प्रति वर्ष लाखो पेटी सेब उत्पादन करने वाली इस सेब पट्टी के किसानों की कमर ओलावृष्टि ने तोड़कर रख दी है व काश्तकारों के समुख रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है ।
सामाजिक कार्यकर्ता जनक सिंह रावत ने बताया कि बगीचो में लगी नेट पर इतनी ओले जमा हो गये की मानो बर्फ जमी हो व नेट को भी नुकसान हुआ है जिससे ओलों की मार सीधे सेब की फसल पर हुआ है ।
उन्होंने प्रसासन से ओलावृष्टि से हुई छती का आंकलन कर काश्तकारों को छतिपूर्ती देने की मांग की है ।




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