मित्रों, कोरोना पीड़ितों को सब से अधिक परेशानी सांस फूलने की होती है। ये फेंफड़े से संबंधित है और जो लोग कोरोना से ठीक हो जाते हैं उन्हें भी बहुत समय लगता है पूरी तरह सामान्य होने में। अब हर जगह कोरोना पीड़ितों की संख्या बहुत हो चुकी है, अतः
हमें शपथ लेना चाहिए कि ...इस साल कोरोना महामारी को देखते हुए दीपावली पर हम ओर हमारा पूरा परिवार पटाखे नहीं छोड़ेंगे।
कोशिश रहेगी कि अपने मोहल्ले में भी सबको समझाकर इस बार पटाखों से दूरी रखने का निवेदन करेंगे।
इस महामारी में किसी भी जगह होम क्वांरटीन रह रहे मरीजों को ये जहरीली गैस बहुत घातक होगी।
आप सब भी कोशिश कीजिये कि कम से कम इस बार तो हमे इस जहरीले धुंए की वजह से किसी भाई बहन की जान जोखिम में ना आए। यकीन मानिए ये कदम हमारे अपने पड़ोसी, गाँव-शहर और देश के लिए एक बेहतरीन मिसाल बनेगा ।
वरिष्ठ चिकित्सकों की रिपोर्ट अनुसार पटाखों की धुँआ कोरोना काल मे घातक है।
दीपावली पर हमें पटाखे के जहरीले धुंए को शहर में भरने से बचाना है और उन मरीजों को भी बचाना है जो कोरोना से संघर्ष कर रहे हैं या कर चुके हैं ।

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