पंचायतराज विभाग से हटाए गए अभियंताओं व डेटा एंट्री ऑपरेटरों ने की दुबारा नोकरी की मांग

 

  • सलाहकार केएस पंवार के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

देहरादून। पंचायतीराज विभाग से हटाए गए आउटसोर्सिंग के कनिष्ठ अभियंताओं और डाटा एंट्री आपरेटरों ने मुख्यमंत्री के सलाहकार केएस पंवार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उन्हें पुनः सेवा में रखने की मांग की है।
पंचायतीराज विभाग में वर्ष 2018 में समस्त विकासखंड में आउटसोर्सिंग के माध्यम से 95 कनिष्ठ अभियंता और 281 डाटा एंट्री आपरेटर रखे गए थे। लेकिन, मार्च 2020 में इनको हटा दिया गया। ज्ञापन में इनका कहना है कि अन्य जगह जाॅब नहीं मिलने के कारण इनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई। कई जगह फरियाद करनेे के बावजूद इन्हें दोबारा नौकरी पर नहीं रखा जा रहा है। जिस कारण उन्हें मजबूरन 23 अक्टूबर से धरने पर बैठना पड़ा।
ज्ञापन में इन कर्मचारियों का कहना है कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत कोरोना काल में किसी को नौकरी से नहीं हटाने की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पंचायतीराज विभाग में एक साथ इतने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि उन्हें शीघ्र फिर से नौकरी पर रखा जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में आशीष कंडारी, मनीष रावत, विक्रम राणा, मनोज रावत, विपिन नेगी, मीना रावत, हेमन्द्री, ममता चैहान, ललित चमोली, सुनिल चैहान, अंकिता उनियाल आदि थे

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