बेरोजगारों के साथ खिलवाड़ कर रही हैं त्रिवेंद्र सरकार, महाबीर पँवार माही पूर्व महासचिव उत्तराखण्ड बेरोजगार संघ
महाबीर पँवार माही ने बयान जारी कर कहा कि देख लिया है प्रदेश के लाखों बेरोजगारों ने उत्तराखण्ड के जीरो टालरेंस की पारदर्शिता की सरकार।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के आयोग के फैसले, पहले एसआईटी के नाम से लाखों रुपए खर्च करवाए गए और अभी भी जाँच अधूरी चल रही है लेकिन आयोग ने जो फैसला लिया है उससे उत्तराखण्ड की जीरो टालरेंस की सरकार पर प्रश्नचिन्ह लगना स्वाभाविक है ।
प्रदेश के लाखों युवा जिन्होंने सरकार पर भरोसा जताया था कि sit जाँच होगी और न्याय मिलेगा, लेकिन ऐसा न्याय मिला है कि लाखों रुपए खर्च करने के बाद बोल रहे हैं कि कोर्ट के पूर्व आदेशों को आधार बनाया गया है और भर्ती प्रक्रिया रद्द नही कर सकते हैं ।
लेकिन आज तक जो भी सरकारें रही उनकी सरकारों में जिन भर्तियों पर जरा सा भी ऊँगली उठी तो बिना कोई जाँच का ढोंग किये उनको तत्काल निरस्त किया गया और पुनः प्रतियोगी परीक्षा करवाई गई है , जबकि उन्होंने कभी अपनी सरकारों को जीरो टालरेंस की पारदर्शी सरकार होने के बड़े बड़े भाषण और दिखावे नही किये थे । लेकिन वर्तमान सरकर सिर्फ पारदर्शिता नाम का शिगूफा फेंकती है लेकिन धरातल पर इस तरह का खुलमखुल्ला भृष्टचाऱ हो रहा है ।
उन्होंने कहा कि मेरे हिसाब से यह भर्ती राष्ट्रीय स्तर तक चर्चाओं में भी रही, धांधली के आरोपों की वजह से लेकिन आखिर में क्या मिला पूर्ण बहुमत की सरकार के लाखों बेरोजगारों और दिन रात मेहनत करने वाले युवाओं को धोखा दिया गया है मजाक उड़ाया गया है त्रिवेंद्र रावत सरकार द्वारा ।
उन्होंने कहा कि अनुरोध करता हूँ प्रदेश के सभी बेरोजगार साथियों से और उनके परिवारों से जिनके घरों में 12th पास युवा विभीन्न परीक्षाओं की तैयारियों की आस लगाए बैठे हैं उन्हें शपथ लेनी चाहिए कि जो सरकार बेरोजगारों का इस तरह से शोषण और मजाक करेगी उसको न कभी वोट देंगे न उनकी पार्टी के नेताओं को 2022 में घरों में घूसने देंगे।
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October 25, 2020 at 09:25AM
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October 25, 2020 at 09:53AM

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