आईटीबीपी व उत्तराखंड का गहरा रिश्ता

 

  • मुख्यमंत्री ने आईटीबीपी सीमाद्वार परिसर में गंगोत्री-2 पर्वतारोहण एवं 6 पीक आरोहण के फ्लैग इन सैरेमनी में लिया हिस्सा

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि आईटीबीपी के जवानों ने शौर्य, दृढ़ता एवं कर्मनिष्ठा का परिचय देते हुए अपनी ड्यूटी के साथ-साथ पर्वतारोहण के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम किया है। आशा है कि चुनौतियों को स्वीकार करने वाले इन हिमवीरों ने आगे भी लक्ष्य तय किए होंगे।
बुधवार को आईटीबीपी सीमाद्वार परिसर में गंगोत्री-2 पर्वतारोहण एवं 6 पीक आरोहण के फ्लैग इन सैरेमनी में उन्होंने कहा कि आईटीबीपी और उत्तराखंड का गहरा रिश्ता है। वर्तमान में उत्तराखंड के 11 हजार लोग आईटीबीपी में सेवारत हैं एवं 40 हजार लोग अपनी सेवाएं आईटीबीपी में दे चुके हैं। आईटीबीपी शौर्य एवं संवेदना का दूसरा नाम है। अपने परिवार से दूर रहकर हमारे जवान सीमान्त क्षेत्रों में सेवाएं देकर देश की रक्षा के लिए अपने शौर्य का परिचय दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है, आईटीबीपी ने आपदाओं के समय राज्य सरकार को पूरा सहयोग दिया है।
इस अवसर पर आईटीबीपी के महानिरीक्षक उत्तरी सीमांत नीलाभ किशोर, उपमहानिरीक्षक कुंवर पाल सिंह, मंधीर एक्का, रणजीत सिंह और निम के कर्नल अमित बिष्ट आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने पर्वतारोहियों को किया सम्मानित

आईटीबीपी ने सितम्बर में छह अनाम चोटियों पर पर्वतारोहण के लिए दल भेजा, जिसका नेतृत्व आईटीबीपी के देहरादून सेक्टर की उपमहानिरीक्षक अर्पणा कुमार ने किया। आठ सदस्यीय दल ने उत्तराखंड के उच्च हिमालय की 6 हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाली चोटियों का आरोहण किया। आईटीबीपी के एक और पर्वतारोहण अभियान में उप सेनानी दीपेन्द्र मान के नेतृत्व में उत्तरकाशी में 21615 फीट की ऊंचाई पर गंगोत्री-2 चोटी का सफलतापूर्वक आरोहण कर तिरंगा फहराया। इस दल में 26 पर्वतारोही थे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सभी पर्वतारोहियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

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