मसूरी गोलीकांड : नहीं भूल पाए दो सितंबर को मिला वह जख्म, छह आंदोलनकारियों ने दिया था बलिदान

दो सितंबर 1994 की वह सुबह पलभर में ही कितनी दर्दनाक बन गई थी, उस जख्म को कोई नहीं भूल पाएगा।

from Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala https://ift.tt/3jzaSC8
via IFTTT

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ