कैंसर की बीमारी से पीड़ित हुये पिताजी न पीते थे शराब ओर न ही पीते थे सिगरेट, डॉक्टरों ने बताया खतरनाक कीटनाशक व उर्बरक है कैंसर की बजह , डॉक्टरों के इस कथन ने बना दिया जैविक किसान हुवा लाखो का मुनाफा

   *कैंसर की बीमारी से पीड़ित हुये पिताजी न पीते थे शराब ओर न ही पीते थे सिगरेट, डॉक्टरों ने बताया खतरनाक कीटनाशक व उर्बरक है कैंसर की बजह , डॉक्टरों के इस कथन ने बना दिया जैविक किसान हुवा लाखो का मुनाफा *।*

जीरो बजट नेचुरल फॉर्मिंग की तकनीक अपनाकर हुई खेती की लागत कम एक एकड़ से कमा रहे हैं 1.5 लाख ।*

  किसान रामचंद्र बताते हैं कि जब पिताजी को कैंसर हुवा तो मुसीबतों का पहाड़ सर पर आ गिरा जब डॉक्टरों ने बताया कि खेती में खतरनाक रसायनो व उर्बरको के अत्यधिक प्रयोग कैंसर होने का कारण है, इससे ओ बहुत आहत हुए व उन्होंने उसी दिन जैविक खेती करने का निर्णय लिया ।

 उन्होंने बताया कि ओ किसान के बेटे हैं तब  उनके पास एक प्लाट था जिसपर उन्होंने जैविक खेती की जिससे मुझे अच्छा मुनाफा हुआ इसी मुनाफे से उन्होंने कृषि भूमि खरीदी लेकिन ओ बंजर थी । ओ बताते हैं कि जब ओ उस बंजर भूमि को खरीद रहे थे तो हर रिस्तेदार ने उनको ऐसा करने से रोका लेकिन सबकी सलाह को दरकिनार कर उन्होंने उस भूमि को क्रय किया व आज लाखो का मुनाफा कमाया ।

उन्होंने देश के समस्त किसानों से जैविक अपनाने की अपील की ताकि राष्ट्र स्वस्थ रहे ।

 ओ बताते हैं कि उन्होंने मल्चिंग के स्थान पर  सुखी पत्तियों का स्तेमाल किया जिससे उनकी खेत की उर्बरा शक्ति बढ़ी व उनके खेत मे स्वतः ही केंचुए पैदा होने लगे जिससे उनके खेत को फर्टाइल बनने में मदद मिली व खूब मुनाफा होने लगा ।


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