Coronavirus in Uttarakhand : कोरोना ने छीनी मुस्कान, मेले-महोत्सव का आयोजन न होने से 116 करोड़ का नुकसान

मेलों के बिना कुमाऊं की कल्पना अधूरी है। पुराने समय में मेले जहां एक दूसरे से मेलजोल बड़ाने और मनोरंजन का केंद्र होते थे, वहीं आज संस्कृति संवर्धन और संरक्षण के साथ आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बिंदु हैं।

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