जिला पौड़ी गढ़वाल:
केन्द्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद प्रत्याशी गढ़वाल (यूकेडी डेमोक्रेटिक) इं० डीपीएस रावत ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति मे कहा कि पिछ्ले 19 सालो से रास्ट्रीय पार्टी बीजेपी कांग्रेस के राज मे पहाड़ो मे कई स्कूल की हालत इतनी खराब हो चुकी हैं, कि कभी भी कोई हादसा हो सकता हैं।
जयहरीखाल) ब्लॉक अध्यक्ष श्री अजय कुमार ने खुद जाकर इस स्कूल की हालाता को देखा और एक ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करके, य०ूके०डी (डेमोक्रेटिक) केन्द्रीय कार्यालय को भेजी जिस रिपोर्ट मे साफ़ साफ़ यह देखा गया कि शिक्षा के छेत्र मे बीजेपी कांग्रेस ने बिलकुल भी ध्यान नहीं दिया, जो आज पहाड़ो के छात्र झेल रहे हैं। आखिर क्या कारण हैं कि एक प्राइवेट स्कूल वाला 10 सालो मे एक नया स्कूल खोल देता हैं,और ठीक उत्तराखण्ड सरकारी प्रशासन 10 सालो मे 10 स्कूल बंद करने पर तुला हैं, कही ना कही सरकार की नीयत मे खोट हैं, जो आज प्रदेश के स्कूल लगातार बंद हो रहे हैं!
असनखेत ब्लॉक (जयहरीखाल) जूनियर हाई स्कूल:-
यह दुर्लभ तस्वीरें ह्रदय को झकझोर के रख देती है,जो कि बहुत सालों से खंडित है, और छेत्रिय जनप्रतिनिधियों का यहाँ आना जाना परस्पर है, लेकिन क्षेत्र के जिला शिक्षा अधिकारियों के कानों ताज जूं तक नहीं रेंग रहीं हैं, शायद हमारे सांसद विधायकों जिला शिक्षा अधिकारी को यहाँ पर हादसा होने का इंतजार है केवल कोरे आश्वासन भाषणों में दिये जाते हैं, लेकिन ग्राउंड पर कुछ और ही बया करती हैं।
कोरोना काल के बाद जब यह विधालय खुलेगा हमें नही लगता यह हमारे आने वाले छात्रों का भविष्य इसमें सुरक्षित रह पायेगा?
क्या हमारे छेत्रिय जनप्रतिनिधियों को इस बात का जरा सा भी मलाल क्यों नहीं हो रहा है, केवल अपने हित के लिए जनप्रतिनिधियों ने जनता के मत का दुरूपयोग किया है, उत्तराखंड सरकार व शिक्षा मंत्री शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे से हमारी दरख़्वास्त है कि इस समस्या की ओर धयान दें, और एक बार हवाई यात्रा से नहीं रॉड से चलकर पहाड़ो की स्कूलों मे आए।
कुछ दिन पहले शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के एक निजी बयान दिया था , जो अभिभावक प्राइवेट स्कूल मे फीस नहीं दे पा रहे हैं वह अपने बच्चो का दाखिला हमारी प्रदेश सरकार के स्कूलों मे करवाए, लेकिन स्कूलों की हालाता तो जनता देख रही हैं। आज देश का शिक्षा मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री भी उत्तराखण्ड के पहाड़ो से हैं पर शिक्षा के छेत्र मे कोई भी बदलाव नहीं ला सके ना ही पहाड़ो की शिक्षा के लिये कोई अलग से नीति बना पाए।
पहाड़ो मे पलायन का यह भी मुख्य कारण हैं।
पिछले 19 सालो मे यही कारण रहा है, जब-जब भी कांग्रेस, बीजेपी का राज रहा तब -तक उतराखंड के हितों में कोई इजाफाः नहीं हुआ हैं, अगर हुआ हैं तो सिर्फ छेत्रिय प्रतिनिधि व बिधायक का हुआ हैं, क्यों कि हर साल करोड़ो रुपये का बजट आता हैं शिक्षा विकास के लिये पर बिकास कहा होता हैं यह बड़ा ही दुर्भाग्य पूर्ण रहा हैं हमारे पहाड़ो के लिये रास्ट्रीय पार्टी का आना


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