पुरोला में सिंचाई विभाग अपनी जिम्मेदारियों को किस तरह निभा रहा इसकी गवाई देती है पुरोला गांव की नहरे, जिनकी साफ सफाई व टूटी नहरो पर तिरपाल लगाकर खेतों तक पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी खुद किसान निभा रहे ।
सामाजिक कार्यकर्ता तनुज असवाल बताते हैं कि मार्च से ही विभाग को बार बार टूटी फूटी नहरो को ठीक करने का आग्रह किया गया पर विभाग ने जून आते आते तक नहरो पर कोई कोई काम नही किया ।
बीजेपी जिलामंत्री पवन नोटियाल ने बताया कि जब रोपाई का समय आया तो सिंचाई विभाग से सम्पर्क किया तो उन्होंने कहा कि नहरो को अब मनरेगा के तहत ठीक किया जायेगा, उन्होंने बताया कि उसके बाद बीडियो पुरोला को सम्पर्क किया तो उन्होंने कुछ मजदूर लगाकर सिर्फ एक नहर की सफाई कराई पर नहर पर सीमेंट व रेत का एक भी कण नही लगाया ।
इस बावत सम्बन्धित प्रधान से सम्पर्क किया तो उन्होंने बताया कि मुझे सिर्फ एक नहर की सफाई के लिये कहा गया था जोकि हमने किया, हमने नहर की मरम्मत का कोई बजट नही मिला है ।
असली प्रश्न तो ये है कि वास्तव में नहरो के अनुरक्षण पर खर्च कितना हुवा व दिखाया कितना गया ।


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