सिंचाई विभाग के जेई ओर ऐई की मिलीभगत से सरकार को करोडो की चपत, 25 वर्ष से जिस नहर पर नही चढ़ा पानी उस नहर की मरम्मत पर खर्च कर दिए 25 लाख ।



देहरादून से प्रकाशित अखबार में छपवाई थी झूठी खबर लिखा था नहर की मरम्मत  होने से कई साल से सूखे खेतो में लहलहाई फसले, किसानों के खिले चेहरे ।

पुरोला ,
सिंचाई विभाग का जैसा नाम है वैसा काम नही रह गया है, सिंचाई विभाग के कारनामे देखकर विजय माल्या व नीरव मोदी भी शर्मशार हो जाएंगे क्योंकि सरकार के पैसो को सही से ठिकाने लगाने का सबसे सुरक्षित स्थान सिंचाई विभाग पुरोला है ।
 सर्वप्रथम बात करते हैं पुरोला की सबसे लम्बी नहर पुजेली नहर, ये नहर केवल सुरु के 1-2 किमी में ही उपयोग में है बाकी के हिस्से में निर्माण के समय से ही कभी भी पानी नही चढ़ा, इसी हिस्से की मरम्मत पर जेई व एई की मिलीभगत से लाखों रुपये में नहर का मरम्मत कराया गया निसमे सरकार को लाखों का चूना लगा व किसानों को कुछ नही मिला ।
 ज्ञात हो कि जब विभाग इस नहर के टेंडर लगा रहा था तब कई बुद्दिजीवी व खलाड़ी गांव के युवाओं ने इस नहर की मरम्मत पर पैसा बर्बाद ना करने की अपील विभाग से की, जिसको विभाग ने जेई व एई की मिलीभगत से अनसुना कर दिया ।
 मामल इतने पर ही नही रुका है इस नहर से विभाग ने तमाम शाखा गुल भी बनाई हुई है जो सिर्फ कागजों में है ।
 विभाग के जेई व एई का पेट इतने से भरता तो बात कुछ नही थी, पुरोला नहर पर भी शाखा गुल की मरम्मत के नाम पर लाखों के वारे न्यारे किये पर शाखा गुल आज भी टूटी हुई है ।
 विभाग के जेई व एई के कारनामों पर जितना लिखे उतना कम है, मालगाड में बाढ़ सुरक्षा कार्य के नाम पर अपने चहेते ठेकेदार को पहले से ही लगी दीवार को नपवाकर सत्त प्रतिशत फायदा पहुचाया गया है ।
बात मालगाड तक ही सीमित होती तो इसे सामान्य भ्रष्टाचार कहते जिसे जनमानस ने स्वीकार भी कर लिया लेकिन कुमोला खड्ड में तो जेई व ऐई की मिलीभगत से क्या क्या गुल खिले जगजाहिर है पर भ्रष्टाचार संस्थागत हो गया है, इसलिए जनमानस इसे विधि का विधान मानकर व ईश्वर में विश्वास रखकर अपनी बर्बाद हो रही फसलों को देखकर खून के आंसू रोते हैं ।
सिंचाई विभाग के जेई व एई के द्वारा कराए गए कार्यो का प्रकाशन आगे के एपिसोड में खर्च किये गए रकम व किस ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर सरकार को चुना लगाया गया है, फोटो के साथ प्रकाशित होगी, आपके पास भी अगर सिंचाई विभाग के जेई व एई द्वारा कराये गए फर्जी कामो की जानकारी हो तो हमे 8954813672 पर व्हाट्सएप करे या हमे newsnamo8@gmail.com पर ईमेल करे ।
  सिंचाई विभाग करोडो रुपये के काम पानी मे दिखा रहा है व किसान पानी के लिये तरस रहा है व जेई व एई वारे न्यारे कर रहे हैं उससे तो ये लगता है कि किसान तो होता ही मरने के लिये है ।

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