प्रदेश में बेरोजगारी दर की सटीक गणना के लिए पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) फरवरी से दिसम्बर तक । सर्वेक्षण से राज्य में श्रम बल भागीदारी दर एवं बेरोजगारी दर का होगा आकलन।

 🛑🛑 अर्थ एवं संख्याधिकारी अतुल आनन्द द्वारा अवगत कराया गया कि बेरोजगारी दर के सटीक आंकलन के लिए अर्थ एवं संख्या निदेशालय (नियोजन विभाग) द्वारा आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण अर्थात पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) पहली बार राज्य के सभी जनपदों में शुरु होने जा रहा है। यह सर्वेक्षण राज्य के नगरीय एवं ग्रामीण दोनो में संचालित होगा तथा फरवरी से दिसम्बर 2026 तक होगा। जिसको सहायक संख्याधिकारी द्वारा ऑनलाइन कैबी (कंप्यूटर एसिस्ट पर्सनल इंटरव्यूइंग) के माध्यम से किया जायेगा।


भारत सरकार वर्ष 2017 से PLFS का संचालन कर रही है। सर्वेक्षण का मुख्य उददेश्य राज्य में श्रम बल भागीदारी दर एवं बेरोजगारी दर का आंकलन करना है। इसके माध्यम से रोजगार की वास्तविक स्थिति का व्यापक विश्लेषण संभव हो सकेगा। विभाग के अनुसार इन्ही आंकडों के आधार पर राज्य एवं केन्द्र सरकारें भविष्य में रोजगार योजनाओं एवं आर्थिक नीतियों की दिशा तय करेंगी। केन्द्र की ओर से जनपद में सर्वे हेतु 12 नगरीय एवं 12 ग्रामीण कुल 24 इकाईयों चयनित की गयी है। विभागीय कर्मचारी इन 24 इकाईओं में मुखिया, सदस्यों, रोजगार, शिक्षा आदि के आंकडे आनलाईन दर्ज करेंगे। इसका डाटा राज्य सरकार और फिर केन्द्र सरकार को भेजा जायेगा। सर्वे से बेराजगारी की वास्तविक स्थिति के साथ ही कितने लोग रोजगार / आजीविका से जुडे हुए है इसका पता चलेगा। उक्त आंकडों का सग्रह सैम्पल आधार पर होगा तथा जनपद में 16 फरवरी से सर्वे प्रारम्भ होगा।

सर्वे के मानक

▫️ 15 से 59 आयु वर्ग के कितने लोग काम कर रहे है।

▫️ 15 से 59 आयु वर्ग के लोग जो कार्य करने के इच्छुक है।

▫️365 दिनों में कितने दिन काम किया।

▫️ शिक्षा, रोजगारी, बेराजगारी, मासिक व्यय।

▫️एक महीने / सप्ताह में कितने दिन तथा दिन में कितने घण्टे काम किया।

▫️ किसी भी आर्थिक गतिविधि से कमायी जाने वाली राशि  ।


बेरोजगारी दर की सटीक गणना


+6

बेरोजगारी दर की सटीक गणना के लिए बेरोजगार व्यक्तियों की संख्या को कुल श्रम बल (नियोजित + बेरोजगार) से विभाजित करके 100 से गुणा किया जाता है। सूत्र है: (बेरोजगार / श्रम बल) 

 100। यह केवल उन लोगों को गिनता है जो सक्रिय रूप से काम की तलाश में हैं। 

बेरोजगारी दर की सटीक गणना के मुख्य बिंदु

मूल सूत्र:


कुल श्रम बल (Labour Force): इसमें नियोजित (काम कर रहे) और बेरोजगार (काम की तलाश में) दोनों व्यक्ति शामिल होते हैं, लेकिन वे नहीं जो सक्रिय रूप से काम नहीं खोज रहे हैं (जैसे छात्र, सेवानिवृत्त)।

सटीक गणना के लिए आवश्यक डेटा:

बेरोजगार: ऐसे लोग जो काम करने के इच्छुक और उपलब्ध हैं, लेकिन बेरोजगार हैं।

नियोजित: ऐसे लोग जो वर्तमान में काम कर रहे हैं।

भारत में मापन: भारत में राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (NSSO) आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के माध्यम से यह गणना करता है।

उदाहरण: यदि किसी क्षेत्र में 100 लोग काम करना चाहते हैं (श्रम बल) और उसमें से 5 लोग बेरोजगार हैं, तो बेरोजगारी दर 

 होगी। 


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