पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा व तीरथ सिंह रावत की भाजपा कोर कमेटी से छुट्टी के क्या है मायने। कोरी कमेटी की बैठक में दुष्यंत गौतम की गैरहाज़िरी बनी चर्चा का विषय। प्रदेश महामंत्रियों को भी नहीं मिली कोर कमेटी में जगह ।

 देहरादून। उत्तराखंड भाजपा संगठन में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। पार्टी की प्रदेश कोर कमेटी से दो पूर्व मुख्यमंत्रियों — विजय बहुगुणा और तीरथ सिंह रावत — को बाहर कर दिया गया है। साथ ही कोर कमेटी की अहम बैठक में प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम भी मौजूद नहीं रहे, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।


जानकारी के मुताबिक इस बार भाजपा ने अपनी कोर कमेटी का आकार छोटा कर दिया है और पिछली बार के मुकाबले करीब पांच सदस्यों को कम किया गया है। पहले जहां दोनों पूर्व मुख्यमंत्री कमेटी में शामिल थे, वहीं नई संरचना में उन्हें जगह नहीं दी गई। इसके अलावा पार्टी के प्रदेश महामंत्रियों को भी कोर कमेटी से बाहर रखा गया है।

बैठक में केंद्रीय नेतृत्व की ओर से संगठन और सरकार के कामकाज की समीक्षा की गई तथा कार्यकर्ताओं को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का संदेश दिया गया। केंद्रीय नेताओं ने सरकार-संगठन के बेहतर तालमेल और जमीनी स्तर पर संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया।

दुष्यंत गौतम की गैरहाजिरी पर चर्चा

कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम और सह-प्रभारी भी नजर नहीं आए। पार्टी नेतृत्व की ओर से कहा गया कि उनकी अनुपस्थिति पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के कारण रही, हालांकि राजनीतिक हलकों में इसे संगठनात्मक बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है।

धामी सरकार के कामकाज की समीक्षा

बैठक में केंद्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के कार्यों की समीक्षा करते हुए विकास कार्यों और संगठन-सरकार के समन्वय पर संतोष जताया तथा आगामी चुनावों को लेकर रणनीति बनाने पर बल दिया।

राजनीतिक संकेत:

विशेषज्ञों के अनुसार कोर कमेटी में यह बदलाव 2027 चुनाव से पहले संगठन को नया रूप देने और सक्रिय नेतृत्व को आगे लाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

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