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*उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी पेंशन प्राप्त कर रहे सभी पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों के लिए फरवरी माह के अंत तक सत्यापन कराना अनिवार्य*
वरिष्ठ कोषाधिकारी आशीष खुदलानी द्वारा अवगत कराया है कि जिले के समस्त उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों को अपनी मासिक पेंशन का नियमित लाभ प्राप्त करने के लिए अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र अपडेट कराना अनिवार्य है। शासन के निर्देशानुसार यह वार्षिक सत्यापन प्रक्रिया प्रथम बार की जा रही है । इस प्रक्रिया हेतु सभी संबंधित पेंशनरों को निर्देशित किया गया है कि वे माह फरवरी में अपने निकटतम कोषागार अथवा उप-कोषागार में स्वयं उपस्थित होकर अपना सत्यापन करना सुनिश्चित कर लें।
वरिष्ठ कोषाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि पेंशनरों की सुविधा हेतु जिले के सभी उप-कोषागारों को भी इस प्रक्रिया के लिए सक्रिय रखा गया है। पेंशनरों को अपने साथ आवश्यक दस्तावेज एवं पहचान पत्र ले कर जाना होगा ताकि सत्यापन की प्रक्रिया को बिना किसी देरी के पूरा किया जा सके। यह वार्षिक सत्यापन पेंशन वितरण प्रणाली की पारदर्शिता और निरंतरता बनाए रखने के लिए एक अनिवार्य वैधानिक प्रक्रिया है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि जो पेंशनर फरवरी माह के अंत तक जीवन प्रमाण पत्र सत्यापित नहीं करवाएंगे, उनकी माह फरवरी की पेंशन का भुगतान स्वतः बंद कर दिया जाएगा। अतः किसी भी प्रकार की वित्तीय असुविधा से बचने के लिए सभी पेंशनर एवं पारिवारिक पेंशनर निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना भौतिक सत्यापन कराना सुनिश्चित करें, जिससे उनकी पेंशन राशि का भुगतान बिना किसी रुकावट के उनके बैंक खातों में होता रहे।

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