देहरादून/नई दिल्ली।
अंतरराष्ट्रीय संकेतों की कमजोरी और डॉलर की मजबूती के असर से गुरुवार को सर्राफा बाजार व शेयर बाजार दोनों पर दबाव देखने को मिला। सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट आई, जबकि शेयर बाजार लाल निशान में कारोबार करता दिखाई दिया।
सोना-चांदी में गिरावट
आज कारोबार के दौरान सोने के दाम ऊँचे स्तर से फिसल गए और चांदी में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। चांदी की कीमतों में करीब ढाई हजार रुपये प्रति किलो तक की कमी देखने को मिली। कारोबारियों के अनुसार अमेरिका के मजबूत आर्थिक आंकड़ों के चलते ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हुई है, जिससे बुलियन बाजार पर दबाव बना है।
मार्केट विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर मजबूत होने से निवेशक सुरक्षित निवेश की बजाय मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिसका असर घरेलू बाजार में भी दिखाई दे रहा है। इससे खरीदारों को कुछ राहत जरूर मिली है।
शेयर बाजार भी दबाव में
उधर भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। बीएसई सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार में करीब दो सौ अंकों की गिरावट देखी गई, जबकि निफ्टी-50 भी फिसलकर नीचे स्तरों पर कारोबार करता रहा।
आईटी और मिड-कैप शेयरों में बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव बना रहा। वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेत और अमेरिका की ब्याज दर नीति को लेकर अनिश्चितता निवेशकों की चिंता का कारण बनी हुई है।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है। जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्याज दरों और डॉलर इंडेक्स को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक सोना-चांदी और शेयर बाजार दोनों में अस्थिरता बनी रह सकती है।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों ने निवेशकों को जल्दबाजी में खरीद-फरोख्त से बचने और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी है। वहीं सर्राफा कारोबारियों का मानना है कि गिरावट के दौर में धीरे-धीरे खरीदारी करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

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