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उत्तरकाशी जिला सहकारी बैंक की पहली बोर्ड बैठक में बड़े फैसले, ₹100 करोड़ ब्याजमुक्त ऋण वितरण का लक्ष्य । किसानों, बागवानों, युवाओं, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा लाभ; NPA 3% से नीचे लाने और ₹20 करोड़ शुद्ध लाभ का लक्ष्य ।


किसानों, बागवानों, युवाओं, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा लाभ; NPA 3% से नीचे लाने और ₹20 करोड़ शुद्ध लाभ का लक्ष्य

उत्तरकाशी, 24 सितंबर 2026।
उत्तरकाशी जिला सहकारी बैंक लिमिटेड की नवगठित प्रबंध समिति की पहली बोर्ड बैठक बैंक सभागार में अध्यक्ष श्रीमती शारदा सत्येंद्र राणा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में बैंक की वित्तीय स्थिति, व्यवसाय विस्तार, ऋण एवं जमा व्यवसाय, वसूली, डिजिटल बैंकिंग, शाखा विस्तार, रोजगार, महिला सशक्तिकरण तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में बैंक की आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। प्रबंध समिति ने जनपद में किसानों, बागवानों, युवाओं, महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को ₹100 करोड़ के ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बैंक के अनुसार इस पहल से कृषि, बागवानी, स्वरोजगार, महिला उद्यमिता और ग्रामीण आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।


NPA को 3 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य

बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता और वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 की समाप्ति तक सकल NPA को 3 प्रतिशत से कम करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी शाखाओं को ऋण वसूली में प्रभावी प्रयास करने तथा NPA नियंत्रण के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए।

₹20 करोड़ शुद्ध लाभ का लक्ष्य

बैंक के व्यवसाय एवं लाभप्रदता में वृद्धि के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक ₹20 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए शाखा प्रबंधकों को जमा एवं ऋण वितरण के निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने और बैंक के व्यवसाय विस्तार पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

मोबाइल और नेट बैंकिंग का होगा विस्तार

ग्राहकों को आधुनिक और सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल बैंकिंग सेवा लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने तथा नेट बैंकिंग सुविधा शुरू करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया। डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक विस्तार करने पर जोर दिया गया।

नए क्षेत्रों में शाखा विस्तार की योजना

जनपद में बैंकिंग नेटवर्क बढ़ाने के लिए चरणबद्ध शाखा विस्तार रोडमैप तैयार किया गया है। प्रथम चरण में कोटद्वार, धारी कलोगी एवं सांकरी में नई शाखाएं खोलने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से आवश्यक अनुमति/स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। इसके बाद मातली एवं झाला में भी नई शाखाएं खोलने के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

इसके अतिरिक्त देवदार, कफनौल गांव, डुंडली एवं गंगनाली (राजगढ़ी) में शाखा खोलने की संभावनाओं का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।

सभी शाखाओं में ATM सुविधा पहुंचाने की पहल

वर्तमान में बैंक की 7 शाखाओं में ATM सुविधा संचालित है। बैठक में शेष शाखाओं में भी ATM स्थापित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया, ताकि ग्राहकों को स्थानीय स्तर पर नकद निकासी सहित अन्य बैंकिंग सुविधाएं आसानी से मिल सकें।

MSME को मिलेगा CGTMSE क्रेडिट गारंटी का लाभ

सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बैंक को CGTMSE (Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises) की सदस्यता प्राप्त हो गई है। इसके माध्यम से पात्र MSME ऋणग्राहियों को क्रेडिट गारंटी सुविधा का लाभ दिया जाएगा। बैंक का मानना है कि इससे छोटे उद्यमों, स्थानीय व्यवसायों और स्वरोजगार गतिविधियों को संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

सरकारी स्वरोजगार योजनाओं में ऋण वितरण बढ़ाने के निर्देश

केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं के तहत अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए बैंक की सभी शाखाओं को सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं और किसानों को स्वरोजगार से जोड़ने तथा शून्य-ब्याज एवं अनुदान आधारित योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

महिलाओं के लिए ‘मातृशक्ति सशक्तिकरण ऋण योजना’

महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बैंक की ‘मातृशक्ति सशक्तिकरण ऋण योजना’ को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। योजना के तहत पात्र महिलाओं को कृषि, पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय एवं लघु उद्योगों के लिए आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

बैंक के अनुसार योजना का उद्देश्य महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने और मौजूदा आजीविका गतिविधियों का विस्तार करने में वित्तीय सहयोग प्रदान करना है।

बैठक में बैंक प्रबंधन ने वित्तीय अनुशासन, ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच, डिजिटल बैंकिंग, शाखा विस्तार और प्राथमिकता क्षेत्र के ऋण वितरण को बैंक की आगामी कार्ययोजना का प्रमुख हिस्सा बनाया है।

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