महिला आरक्षण पर BJP–कांग्रेस का ‘डबल गेम’ बेनकाब: UCC की तर्ज पर 33% लागू करो या सच स्वीकार करो” – आम आदमी पार्टी
देहरादून: आम आदमी पार्टी उत्तराखंड ने आज आयोजित पत्रकार वार्ता में महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा द्वारा बनाए जा रहे राजनीतिक माहौल को पूरी तरह भ्रामक और गुमराह करने वाला बताया। पार्टी ने कहा कि केंद्र से लेकर राज्य तक भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर केवल राजनीति कर रही है, जबकि हकीकत में महिलाओं को उनका हक देने की कोई ठोस मंशा दिखाई नहीं देती।
पार्टी ने आरोप लगाया कि परिसीमन (Delimitation) को महिला आरक्षण के रूप में प्रस्तुत कर देश की महिलाओं और आम जनता को भ्रमित किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने इसे “नारी शक्ति के नाम पर छलावा” बताया।
हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया तथाकथित “नारी वंदन अधिनियम 2026” सदन में गिर गया, जिसके लिए भाजपा विपक्ष को जिम्मेदार ठहरा रही है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या यह वास्तव में महिला आरक्षण का बिल था या फिर महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन का प्रयास? यदि 2023 में महिला आरक्षण से संबंधित कानून पहले ही पारित हो चुका है, तो फिर यह नया राजनीतिक नाटक क्यों किया गया—सरकार को इसका स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा यह कहना कि विपक्ष महिला आरक्षण का विरोध कर रहा है, पूरी तरह झूठ और भ्रामक बयान है। इस तरह की बयानबाजी केवल जनता को गुमराह करने और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है।
उत्तराखंड के संदर्भ में पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा निकाली गई मशाल रैली भी केवल दिखावटी कदम है। यदि सरकार वास्तव में महिला हितैषी है, तो उसे यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) की तर्ज पर उत्तराखंड में महिलाओं को 33% आरक्षण लागू कर राज्य को देश का पहला उदाहरण बनाना चाहिए।
आम आदमी पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों से सीधा सवाल किया है कि क्या वे 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की नीतियों के तहत 33% महिलाओं को टिकट देंगी? पार्टी ने स्पष्ट किया कि इसके लिए किसी नए कानून या बिल की आवश्यकता नहीं है—यह केवल राजनीतिक इच्छाशक्ति का विषय है।
पार्टी ने कहा कि यदि भाजपा और कांग्रेस सच में महिलाओं के सशक्तिकरण के पक्ष में हैं, तो उन्हें आगामी चुनावों में इसे लागू करके दिखाना चाहिए। केवल राष्ट्रीय टीवी पर दिखावा करना और जनता को भ्रमित करना अब स्वीकार्य नहीं है।
आम आदमी पार्टी ने यह भी कहा कि जब देश का नेतृत्व झूठे नैरेटिव के माध्यम से जनता को प्रभावित करने की कोशिश करता है, तो यह लोकतंत्र और समाज दोनों के लिए खतरा बन जाता है। पार्टी ने ईमानदार मीडिया से अपील की कि वह सच्चाई को सामने लाए और जनता को जागरूक करे।
अंत में, आम आदमी पार्टी ने उत्तराखंड की जनता से अपील की कि वे झूठे वादों और दिखावे की राजनीति को समझें और सच्चाई के साथ खड़े हों।
पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से उमा सिसोदिया, सुधा पटवाल, यामिनी आले, दीप्ति रावत बिष्ट, मंजू शर्मा, गीता सिंह एवं पार्टी के बड़ी संख्या में अन्य सभी कार्यकर्ता मजबूत संख्या में उपस्थित रहे।

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