कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और शिक्षा के प्रति निष्ठा से दूरस्थ मोरी ब्लॉक के गैच्वान गांव के एक सामान्य परिवार में जन्मे कैलाश रांगड़ ने अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। कैलाश रांगड़ हाल ही में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राजकीय डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर (भौतिक विज्ञान) पद के लिए चयनित हुए हैं। उन्हें कल दिनांक 06 मई 2025 को मुख्यमंत्री के द्वारा नियुक्ति पत्र दिया गया ।
उनकी इस उपलब्धि से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
कैलाश रांगड़ का बचपन आर्थिक दृष्टि से अति संघर्षपूर्ण रहा। उनकी माता एक गृहिणी हैं ,और उनका लानन-पालन उनकी माता ने ही किया.
पिता का साथ ना देना और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को कभी बोझ नहीं, बल्कि अपना सपना बनाया। प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी प्राथमिक विद्यालय नैटवाड से प्राप्त करने के बाद कैलाश रांगड़ ने हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट की पढ़ाई राजकीय इंटर कालेज नैटवाड़ से की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने देहरादून का रुख किया, जहां से उन्होंने बी.एससी. और एम.एससी. की डिग्री डी.बी.एस. पीजी कॉलेज देहरादून से प्राप्त की।
वर्ष 2018 एम.एससी पास के बाद उन्होंने वर्ष 2019 में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (CSIR -NET ) उत्तीर्ण की, और साथ ही कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता पाई। उन्होंने दून विश्वविद्यालय के फ़िज़िक्स विभाग में गेस्ट फैकल्टी के रूप में भी पढ़ाया, जिससे उन्हें शैक्षिक अनुभव प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त प्रतियोगी परीक्षा के विद्यार्थियों को ABC Education अकैडमी मे भी ऑनलाइन पिछले विगत 5 वर्षों से पढ़ा रहे हैं ।
वर्तमान में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान(NIT), उत्तराखंड से पीएच.डी कर रहे हैं।
कैलाश रांगड़ ने बताया कि सरकारी सेवा पाना उनका सपना था और इसके लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत की। उन्होंने इस सफलता का श्रेय अपनी माता रामकला देवी ,भाई-बहनों,शिक्षकों और ABC Eduction अकैडमी देहरादून को दिया है। उनका कहना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर की जाए तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती।

0 टिप्पणियाँ