पुरोला बीजेपी मंडल अध्यक्ष की दौड़ में सुनील भंडारी व रामचंद्र पंवार के इतर रघुबीर पंवार की क्यों हो रही हैं चर्चा। पुरोला की राजनीति में अहम किरदार निभाने वाली कथित चाकू छुरी गैंग के नाम से प्रसिद्ध समूह को कौन दे रहा है चुनौती । जानिए आखिर कौन है गैरोला भाईसाहब जिनकी मंडल अध्यक्ष चुनने में है बड़ी अहमियत। Why is Raghubir Panwar being discussed instead of Sunil Bhandari and Ramchandra Panwar in the race for Purola BJP Mandal President? Who is challenging the group famously known as Chauk Churi Gang, which plays an important role in the politics of Purola?

 गजेन्द्र सिंह चौहान , पुरोला 

पुरोला में इन दिनों बीजेपी के संभावित मनोनीत मंडल अध्यक्ष के बारे में सर्वाधिक चर्चा हो रही है। यहां हेडलाइन में गैरोला भाईसाहब का जिक्र किया गया है, सम्मानित पाठकों को यहां ये बता देना जरूरी है कि लेखक गैरोला भाईसाहब के बारे में सिर्फ इतना जानता है कि पुरोला बीजेपी के वरिष्ठ नेता जब भी किसी नुक्ड या होटल में मिलते है तब उनमें यही चर्चा होती है कि उनका गैरोला भाईसाहब से कितना करीबी संबंध है। इससे यही लगता है कि पुरोला बीजेपी मंडल अध्यक्ष को मनोनीत करने में गैरोला भाईसाहब का अहम योगदान है। दूसरी ओर नाम न छापने की शर्त पर बीजेपी के एक कनिष्ठ नेता ने बताया कि गैरोला भाईसाहब के स्थान पर इस बार पुरोला विधायक अहम रोल अदा करेंगे। उन्होंने दावा किया कि अध्यक्ष वही बनेगा जो विधायक की पसंद होगा ।


हेडलाइन में जिस चाकू छुरी गैंग का जिक्र किया गया है उस समूह के बारे में पुरोला का बच्चा बच्चा परिचित है। चाकू छुरी गैंग के नाम से प्रसिद्ध समूह के बारे में मिथक है कि जनपद उत्तरकाशी की बीजेपी पर इनका पूर्ण नियंत्रण है वे चाहे तो किसी को पदाधिकारी बना दे व चाहे तो बने पदाधिकारी को बर्खास्त कर दें। ये भी जानना जरुरी है कि कथित चाकू छुरी गैंग किसी भी प्रकार के सीधे चुनाव में भाग नहीं लेता है क्योंकि उक्त समूह में से जिसने भी अतीत में चुनाव लड़ा वो बुरी तरह से हारा है। अतीत से सिख लेते हुए कथित चाकू छुरी गैंग बीजेपी संगठन पर कब्जा जमाकर सत्ता सुख भोगने में ही भलाई समझता है।


अब बात करते हैं सुनील भंडारी व रामचंद्र पंवार की तो सुनील भंडारी अतीत में भी दो बार अध्यक्ष बनने की रेस में शामिल रहे पर कथित चाकू छुरी गैंग के आगे वे पस्त हो गए। अब बात करे रामचंद पंवार की तो उनके बारे में यही कहा जा रहा है कि कथित चाकू छुरी गैंग उनका विरोध नहीं करेगी ।

अब बात करते है रघुबीर पंवार की जिनकी चर्चा मंडल अध्यक्ष की दौड़ में पहले तो नहीं थी पर उनके अनुभव को देखते हुएं उन्हें मंडल अध्यक्ष बनाया जा सकता हैं ऐसा विशेषज्ञ बताते है।

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