देव भूमि मे बेटियां सुरक्षित, हर घटना पर हो रही त्वरित कार्यवाही । अपराधों पर अंकुश के लिए मौन व्रत नही बल्कि जन जागरुकता जरूरी । Daughters are safe in Dev Bhoomi, prompt action is being taken on every incident. To curb crimes, public awareness is not necessary but a fast of silence.


देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि देव भूमि मे बेटियां सुरक्षित हैं और हर घटना का त्वरित संज्ञान लेकर कार्यवाही की जा रही है। चौहान ने दावा किया कि किसी भी मामले मे त्वरित एक्शन और कार्यवाही के मामले मे अन्य राज्यों की अपेक्षा उतराखंड की स्थिति बेहतर है। 



कांग्रेस के सवालों पर पलटवार करते हुए चौहान ने कहा कि भाजपा सरकार मे अपराध छिपाये नही जाते, बल्कि रिपोर्ट दर्ज और उन पर कार्यवाही अमल मे लायी जाती है। उन्होंने कहा अन्य राज्यों मे भी गैर भाजपा सरकारों का रिकार्ड ठीक नही है। वहाँ पर हत्या, लूट तथा बलात्कार की घटनाएं आम है और कार्यवाही दूर की कौड़ी है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के प्रति धामी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति रही है। रुद्रपुर की नर्स बेटी की हत्या यूपी के बिलासपुर मे हुई, लेकिन सीएम के निर्देश पर उत्तराखंड पुलिस हत्यारों तक पहुँच गयी और उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया। जबकि रुद्रपुर मे महज जीरो एफआईआर दर्ज हुई थी। कांग्रेस इस पर असवेदनशील राजनीति कर रही है। 


चौहान ने कहा कि उत्तराखंड मे महिला अपराधों को लेकर दुष्प्रचार करने वाली कांग्रेस इसमें दोहरे मापदंड अपनाती रही है। बंगाल मे हुई डाक्टर की हत्या के मामले मे कांग्रेस अभी भी इस पर अपना रुख साफ नही कर पायी। अपराधी कितने बड़े हैं और इंडी गठबंधन का उनको कितना प्रश्रय है इस पर बच रही है। यही स्थिति अयोध्या और उन्नाव की घटना पर भी है। आईएसबीटी की घटना का भी पुलिस ने खुलासा कर आरोपियों को पकड़ लिया है। 



चौहान ने कहा कि जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही सरकार बड़े से बड़े अपराधियों तक को सलाखों के पीछे भेज रही है। पहाड़ की बेटी अंकिता के हत्यारों को सलाखों के पीछे घटना 24 घण्टे मे ही भेज दिया गया था। उन्होंने कहा कि हर घटना के आरोपी को कानून के कटघरे मे लाया गया है और यह जीरो टॉलरेंस की नीति से ही संभव हो पाया है। ऐसे अपराधियों के लिए कड़ा कानून है और कांग्रेस को मौन व्रत नही, बल्कि जन जागरुकता अभियान चलाने की जरूरत है। अपराधों पर रोक थाम राजनीति या दुष्प्रचार से नही, बल्कि जनजगरूकता से हो सकता है।


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