मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन एजेंसियों की शानदार उपलब्धि , केदारपुरी से लेकर गौरीकुंड तक पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होने से फंसे हजारों लोगो को सकुशल बचाकर पेश की बेहतर आपदा प्रबंधन की मिशाल । Brilliant achievement of the disaster management agencies under the leadership of Chief Minister Dhami, setting an example of better disaster management by safely rescuing thousands of people stranded due to damage to the footpath from Kedarpuri to Gaurikund.

 प्रेस विज्ञप्ति


चुनौतीपूर्ण परिस्थिति मे दोबारा यात्रा शुरू कर धामी ने साबित की नेतृत्व क्षमता: गैरोला



विकराल आपदा के समय नकारात्मक राजनीति से विपक्ष करे परहेज


देहरादून 18 अगस्त । बीस सूत्रीय क्रियान्वहन समिति उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता ज्योति गैरोला ने प्राकृतिक आपदा के कुशलता से निपटने और शीघ्र यात्रा शुरू होने पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन एजेंसियों की शानदार उपलब्धि बताया, साथ ही वहां विकट परिस्थितियों में भी विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की गति बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त किया है। 

उन्होंने कहा कि इस बार जिस तरह  की आपदा विशेषकर केदारघाटी में आयी उसने 2013 आपदा की भयावह यादें ताजा कर दी। लेकिन मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वाभाविक लीडर की तरह हमेशा कठिन समय में सामने आकर चुनौती को स्वीकार किया । उसका नतीजा है कि पुलिस प्रशासन,एनडीआरएफ एसडीआरएफ समेत सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में शानदार और ऐतिहासिक कार्य किए। मुख्यमंत्री का आपदा की सूचना मिलने के बाद तत्काल सभी प्रभावित क्षेत्र में पहुंचने का ही परिणाम रहा कि रेस्क्यू अभियान रिकॉर्ड समय में बिना किसी जान माल की हानि के साथ पूरा किया गया। जिस तरह की हालत केदार घाटी में थे वहां केदारपुरी से लेकर गौरीकुंड तक पैदल मार्ग जगह क्षतिग्रस्त होने से हजारों लोग फंसे हुए थे । लेकिन सीएम की मॉनिटरिंग में वहां संपन्न हुए बचाव कार्यों ने किसी को कोई तकलीफ नहीं आने दी और सभी को सब कुशल बचा लिया। 



उन्होंने कहा कि केदार धाम मार्ग के हालात और यात्रियों के अनुभव बता रहे थे कि शेष सीजन में यात्रा को दोबारा शुरू करना बहुत मुश्किल है। लेकिन प्रदेश की आर्थिकी में यात्रा के महत्व को समझते हुए हमारी सरकार ने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया । अपने साहसिक निर्णय लेने के लिए पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री धामी ने रेस्क्यू अभियान के बाद तत्काल बाद हेलीकॉप्टर से बाबा के दर्शन शुरू कराया । पैदल यात्रा को दोबारा शुरू करना सबसे कठिन था, 

लेकिन उन्होंने उसी समय आपदा प्रबंधन एवं निर्माण एजेंसियों को दो हफ्ते का टारगेट देकर चार धाम यात्रा को लेकर अपनी गंभीरता स्पष्ट कर दी थी। दृढ़ राजनीतिक इच्छा शक्ति और कुशल प्रबंधन का परिणाम रहा कि रिकॉर्ड 15 दिन में पैदलयात्रा से भक्त अपने भगवान के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। 



 उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी यात्रा व्यवस्थाओं को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए सभी प्रशासनिक तंत्र वहां युद्ध स्तर पर कार्य कर रहे हैं। चूंकि अभी मानसून सीजन जारी है, जिसको लेकर हमारी सरकार पूरी तरह सतर्क है । मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में हमारी कोशिश है कि सुरक्षित यात्रा के साथ वहां चल रही विकास योजनाओं की प्रगति निर्बाध रखी जाए । उन्होंने तंज किया कि कुछ लोग वहां होने वाले विकास के कार्यों पर नकारात्मक राजनीति करते हैं। उन्हें समझना होगा कि ऐसी विकराल आपदा में भी सुरक्षित यात्रा बनाए रखने के लिए पावन धामों से संबंधित आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ बनाए रखना बहुत आवश्यक है। 



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