उत्तराखण्ड क्रांतिदल के केन्द्रीय उपाध्यक्ष इं•डीपीएस रावत ने उत्तराखण्ड सरकार में धर्मस्व व पर्यटन मंत्री सतपाल जी महाराज के उस बयान का विरोध किया है जिसमें उन्होनें पर्यटकों से क्रिसमस मनाने के लिए कथित तौर से उत्तराखण्ड आने की बात कही है।
उक्रांद (डेमोक्रेटिक) के वरिष्ठ नेता तथा केन्द्रीय उपाध्यक्ष इं•डीपीएस रावत ने खेद व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रदेश के धर्मस्व मंत्री सतपाल जी महाराज जी को समझना चाहिए कि उत्तराखण्ड देवताओं की भूमि है द्रोणनगरी भगवान टपकेश्वर की भूमि से लेकर दुनिया भर के हिंदुओं का सबसे बड़े धाम केदारनाथ,बद्रीनाथ ,गंगोत्री तथा यमनोत्री सहित हिंदुओं के सभी महत्वपूर्ण प्रमुख धार्मिक स्थल उत्तराखण्ड में ही हैं सतपाल जी महाराज स्वंय भी आध्यात्म से जुड़े व्यक्ति हैं लेकिन उत्तराखण्ड राज्य के धर्मस्व मंत्री सतपाल जी महाराज को इस तरह से उत्तराखण्ड जैंसी धर्मभूमि पर क्रिसमस मनाने के लिए लोगों को उत्तराखण्ड आने का न्यौता देना सही नही माना जा सकता।वहीं उक्रांद (डेमोक्रेटिक)के केन्द्रीय उपाध्यक्ष इं•डीपीएस रावत ने कहा है कि कांग्रेस तथा स्वंय को तथाकथित रुप से हिंदुत्व की अवधारणा से पोषित पार्टी बताने वाली भाजपा बताये कि इन दोनों दलों ने सरकारी भूमियों पर बनाये जा रहे अवैध मजारों को हटाने के साथ ही गैरकानून रूप से बनाये गये मजहबी स्थलों को हटाने के लिए क्या किया।इं•डीपीएस रावत ने आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि कांग्रेस तथा भाजपा ने बारी बारी से बीस साल उत्तराखण्ड पर राज्य किया लेकिन प्रदेश में बनाये जा रहे सरकारी जमीनों पर अवैध मजार और मजहबी स्थलों के निर्माण को रोकने के लिए आंख मूदने का काम किया।उक्रांद( डेमोक्रेटिक) के केन्द्रीय उपाध्यक्ष इं•डीपीएस रावत ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश हैं कि एक निश्चित डेसीबल की मात्रा से अधिक ध्वनि विस्तार यंत्रो से मजहबी/धार्मिक स्थलों से उच्च तीव्रता में मजहबी प्रसारण नही हो सकता लेकिन उत्तराखण्ड में कांग्रेस और भाजपा के संरक्षण के चलते मजहबी स्थलों से कई कई भारी भरकम लाउडस्पीकरों से उच्च डासीबल तीव्रता मे मजहबी/धार्मिक/रिलीजियस प्रसारण हो रहा है उन्होनें कहा कि जिस मजहब के लोग भी इस तरह की गैरकानूनी हरकत करते हैं उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्यवाही प्रदेश सरकार करे ,उक्रांद (डेमोक्रेटिक) उत्तराखण्ड देवभूमि को सीरिया नही बनने देगी तथा यहां के धार्मिक ,सामाजिक महत्व को ठेस पंहुचाने की किसी भी हरकत का विरोध करेगी।।।

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