हरीश रावत के मुद्दाविहीन मौन उपवास की क्यो हो रही है निंदा । मुख्यमंत्री रहते कभी गैरसैंण की सुध नहीं ली और वहां विकास को ढूंढने की कर रहे हैं बात । Why is Harish Rawat's issueless silent fast being condemned? While being the Chief Minister, he never took care of Gairsain and is talking about finding development there.

देहरादून 21 अगस्त । भाजपा ने पूर्व सीएम हरदा के मौन उपवास पर कटाक्ष करते हुए कहा, मुद्दाविहीन होने के कारण उनके पास मौन रहना ही विकल्प है। प्रदेश अध्यक्ष  महेंद्र भट्ट ने कहा कि जनसरोकारों पर चर्चा का सबसे बड़ा मंच सदन है, लेकिन लगता है उन्हे अपने विधायकों की क्षमता पर भरोसा नहीं है । 


सदस्यता अभियान की कार्यशाला के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, पूर्व सीएम हरीश रावत और कांग्रेस के पास आज कोई मुद्दा नहीं है ।वहीं जिस गैरसैंण में वे उपवास कर रहे हैं उसके लिए उन्होंने सत्ता में रहते कभी कुछ नही किया । ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाना और उसका विकास तो दूर, हरदा और कांग्रेस कभी भी राज्य निर्माण के पक्ष में नहीं रहे। जब मुख्यमंत्री रहे तो कभी गैरसैंण की सुध नहीं ली और वहां विकास को ढूंढने की बात कर रहे हैं । उन्होंने तंज किया कि मुद्दाविहीन हरीश रावत और विचारहीन कांग्रेस के पास मौन उपवास के अतिरिक्त आज कोई विकल्प नहीं है। 



उन्होंने हरदा से प्रश्न किया कि क्या उन्हें सदन में मौजूद अपने विधायकों की क्षमता पर भरोसा नहीं है। क्योंकि सभी जानते हैं कि जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को उठाने का सर्वश्रेष्ठ मंच सदन है, ऐसे में यदि कोई ज्वलंत मुद्दा वे उठाना चाहते हैं तो वे उनकी चर्चा अपने विधायकों के माध्यम से सत्र में करा सकते हैं । ऐसे में विधानसभा सत्र के दौरान बाहर सड़क पर आंदोलन करने का क्या मतलब निकाला जाए । या तो हरदा को अपने विधायकों की मंशा और विषय रखने की योग्यता पर विश्वास नहीं है । या फिर वे अपना वजूद बनाए रखने के लिए राजनैतिक ड्रामा रच रहे हैं । 


वहीं भू कानून को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा, आज कांग्रेस जो भी मुद्दे उठाती हैं, वे सब भाजपा की वैचारिक एवं सैद्धांतिक कोशिशों का ही परिणाम है । लेकिन जनता को विश्वास है कि राज्य निर्माण से लेकर उसके विकास और भू कानून जैसे तमाम मुद्दों का निर्णायक हल भी भाजपा ही करेगी।



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