केदारकांठा व हरकीदून में पर्यटकों का आवागमन सीमित किये जाने के खिलाफ सीएम रावत की चेतावनी । पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हजारों युवाओं के हितों के खिलाफ खिलवाड़ हुआ तो होगा जन आंदोलन । There will be a mass movement if the Tughlaq decree to limit the number of tourists in Govind National Park is implemented.

 रंवाई जन एकता मंच के संयोजक सीएम रावत ( चन्द्रमणि)  ने गोविंद नेशनल पार्क की उप निदेशक को पत्र लिखकर पार्क क्षेत्र के अंतर्गत पर्यटकों की संख्या सीमित न करने का अनुरोध किया है ।





उप निदेशक को लिखे पत्र का मोजू निम्नवत है ।


आपको अवगत कराना है कि मुझे ज्ञात हुआ है कि आपके द्वारा दिनांक 30.09. 2023 को उक्त आदेश के माध्यम से वन क्षेत्राधिकारियों को अवगत कराया गया है कि केदारकांठा एवं हरकीदून आदि पर्यटक स्थलों में पर्यटकों की संख्या को सिमित करना एवं माह दिसम्बर से केदारकांठा एवं हरकीदून आदि पर्यटक स्थलो में पर्यटक गतिविधियों को प्रतिबन्धित करने के सम्बन्ध में आदेशित किया गया है। मेरा आपसे अनुरोध है कि उक्त पूर्व लिखित आदेश को आज तक किसी भी उपनिदेशक गोविन्द वन्य जीव विहार एवं राष्ट्रीय पार्क पुरोला द्वारा लागु नहीं किया गया है। क्योकि उक्त आदेश को जनभावनाओं एवं पर्यटन के व्यवसाय तथा बेरोजगारों को प्रभावित करने के उदेश्य से बनाया गया था।



उक्त आदेश लागु होने से लाखों की संख्या में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हुऐ बेरोजगार युआवों के रोजगार पर भारी असर पड़ेगा और गोविन्द वन्य जीव विहार एवं राष्ट्रीय पार्क पुरोला में रहने वाले स्थानीय ग्रामीणों के सामने भुखमरी एवं बेरोजगारी उत्पन्न हो जायेगी साथ ही उत्तराखण्ड सरकार के राजस्व पर भी भारी असर पड़ेगा। उक्त आदेश के निरस्त हेतु पूर्व में तत्कालिन मा० वन मंत्री जी द्वारा भी लिखा गया है उक्त ओदश संलग्न है। अतः महोदया मेरा आपसे निवेदन है कि अपने उक्त आदेश को निरस्त करते हुये पूर्व की भांति केदारकांठा एवं हरकीदून में पर्यटकों का आवागमन सुनिश्चित कराया जायें। अन्यथा हमें बाध्य होकर

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