अगर ऐसा हुआ तो हजारों लोग हो जाएंगे बेरोजगार । पुरोला से सांकरी- सोड तक के तमाम होटल व होम स्टे संचालक होंगे बेरोजगार । पलायन रोकने के तमाम दावों के विपरीत फेल सरकार सीखे सांकरी- सोड के उद्यमियों से - सीएम If this happens then thousands of people will become unemployed

 गजेन्द्र सिंह चौहान, पुरोला/ मोरी- उत्तरकाशी


  उत्तरकाशी जनपद के दूरस्थ तहसील मोरी का अधिकांश भाग विकट है  । इसी विकटता के बावजूद यहां के निवासियों ने भेड़ बकरियों के माध्यम से युगों युगों से अपनी जीविका चलाई है । साल में एक फसल पर निर्भर पूरे दुर्गम क्षेत्र में वर्षभर का राशन एकत्रित करना एक चुनौती हमेशा से रही है ।


ऐसे में यहां के कुछ उद्यमियों ने हरकीदून व केदार कांठा ट्रेक को पर्यटन के मानचित्र पर विकसित कर पूरे सांकरी-सोड गांव को होम स्टे में तब्दील कर दिया ।


इन लोगो की मेहनत व मेहमान नवाजी से पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा होता गया व पुरोला से लेकर सांकरी तक सैकड़ों होटल खुल गये जिनसे हजारों लोगों की जीविका चलने लगी ।


अभी तक सबकुछ ठीक से चल रहा था पर तकनीकी रूप में उक्त पर्यटन स्थल गोविंद नेशनल पार्क के अंतर्गत आते हैं । भारत की संसद ने विगत में नेशनल पार्कों के संरक्षण हेतु तमाम कानून बनाये  है ।


 । अभी तक पार्क के जितने भी उप निदेशक तैनात हुए हैं उन्होंने स्थानीय टूर ऑपरेटरों को खूब सहयोग किया था जिस कारण पर्यटन का व्यवसाय खूब फला फुला ।


किंतु वर्तमान में पुरोला विधानसभा के अंतर्गत टोंस वन प्रभाग, अपर यमुना वन प्रभाग व गोविंद नेशनल पार्क में केके दम्पति की बतौर डीएफओ तैनाती हो रखी है । दोनों दंपति कानून के अनुपालन के प्रति गंभीर है ।

जिस दिन से केके दंपति की तैनाती हुई है, तब से गुल्ली माफिया अब नही दिखते हैं , खनन बन्द है यहां तक कि पार्क के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़को की चाल धीमी हो गई है ।

जाहिर बात है ईमानदारी का साइड इफेक्ट उत्तराखंड जैसे भ्रष्ट प्रदेश में होना ही है , अब इसका साइड इफेक्ट पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों पर पड़ने वाला है । समाजसेवी चन्द्रमणि रावत ( सीएम ) ने बताया कि उपनिदेशक ने दिसम्बर माह से हरकीदून व केदार कांठा में पर्यटकों की संख्या सीमित करने के निर्देश दिए हैं । उन्होंने बताया कि अगर ऐसा हुआ तो पुरोला से लेकर सांकरी तक हजारों लोग बेरोजगार होकर पलायन को मजबूर हो जाएंगे ।

उन्होंने कहा कि हमे किसी भी कीमत पर ये मंजूर नही है व इसके खिलाफ उग्र आंदोलन होगा । उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक खुद इस विकट क्षेत्र में पैदा हुए बावजूद उनके द्वारा इस संबंध में अभी तक एक बयान भी न आना दुर्भाग्यपूर्ण है ।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ