प्राकृतिक जल स्रोत पर छेड़छाड़ कर वन भूमि में खुदान को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश। ------उपजिलाधिकारी व जल संस्थान से शिकायत कर कार्यवाही की मांग। ------बगिचे के विस्तार को वन विभाग व ग्राम पंचायत की भूमि समेत दर्जनों बांज पौधे काटनें का आरोप।

पुरोला, विकासखण्ड के रामा सिंराई पट्टी के आधा दर्जन से अधिक गांव के प्राकृतिक पेयजल स्रोत से छेडछाड कर सेब बगिचे के विस्तार को लेकर हिमांचल के बंटी नाम के व्यक्ति पर गांव व वन विभाग की भूमि पर खुदान,कब्जा कर बांज के दर्जनों छोटे-छोटे पौधों का सफाया करनें को लेकर ग्रामीणों ने भारी आक्रोश जता कर जल संस्थान,वन विभागव व प्रशासन से कार्यवाही की मांग की।

 मामले को लेकर आठ गांव के ग्रामीणों ने  उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी,जल संस्थान,वन विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर हिंमाचली व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही की मांग की।
ग्राम प्रधान अरबिंद पंवार, जगदीश, मंगलमोहन सिंह ने
ने बताया कि इनाली खड में क्षेत्र के आठ गांव कुमार कोट, मोल्टाडी,राजतर,समाधी मठ,उपलामठ,बिचलामठ,बेणा व लंमकोटी का सदियों से प्राकृतिक मूल जल स्रोत है,वहीं पर हिंमांचल बंटी नामक एक व्यक्ति ने सेब बगीचा लगानें को लीज की जमीन से सटे् पेयजल स्रोत खोद डाला जिससे
आठों गांव में दो सप्ताह से पानी का संकट पैदा हो गया।
     ग्रामीणों का आरोप है कि हिंमाचली व्यक्ति ने बगिचे के विस्तार को गांव के स्रोत के साथ ही वन व ग्राम पंचायत की भूमि पर कब्जा करनें के साथ ही दर्जनों छोटे-छोटे बांज के पेड भी काट दिये।
सोमवार को ग्रामीणों ने जंहा जंगल में जाकर पेयजल स्रोत कब्जा हटाया वहीं उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी से मुलाकात कर आरोपित के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की।
 ज्ञापन पर प्रधान अरबिंद पंवार, जगदीश सिंह,अनील राणा,
  विनोद राणा,जगदीश,प्रदीप सिंह,मंगलमोहन व मनमोहन्
बीजलू,विरेंद्र सिंह,प्रेम सिंह कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।

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