एमबीबीएस में चयन होने पर नेहा रतूड़ी के गांव करडा में लोग खुसी मना रहे है वही नेहा ने अपने चयन का श्रेय अपने दादी व दादा को दिया ।
नमोन्यूज़ से बातचीत में नेहा ने बताया कि बचपन से ही उसने लोगो को इलाज के लिए भटकते देखा है, ऐसे भी पल देखे हैं कि लोग धन के अभाव में डॉक्टरों के पास जाते ही नही या इलाज की ऊंची रकम की सम्भवना देख इलाज से डरते हैं ।
ऐसे में उनके दादा- दादी ने उन्हें कड़ी मेहनत कर डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित किया ताकि एकदिन वो डॉक्टर बन जरूरतमंद लोगों की सेवा कर सके ।
नेहा रतूड़ी पुरोला शिक्षक संघ अध्यक्ष विनोद रतूड़ी की पुत्री है , उन्होंने बिटिया के एमबीबीएस में चयन होने पर बताया कि ये सब माता - पिता के आशीर्वाद व नेहा की मेहनत का फल है ।
उन्होंने बताया कि नेहा डॉक्टर बन अपने दादा- दादी की इच्छानुसार जरूर जरूरमंद लोगो का इलाज करेगी ।
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November 21, 2020 at 06:37PM

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